नई दिल्ली : केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने आज असम के मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत विश्व शर्मा से फोन पर बात कर राज्य के धेमाजी जिले में बाढ़ की मौजूदा स्थिति की जानकारी ली। गृह मंत्री ने असम सरकार को राहत और पुनर्वास कार्यों के लिए केंद्र सरकार की ओर से हर संभव सहायता देने का पूरा आश्वासन दिया है। मुख्यमंत्री ने इस बातचीत की जानकारी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर साझा करते हुए बताया कि उन्होंने गृह मंत्री को धेमाजी में चलाए जा रहे राहत और पुनर्वास उपायों से विस्तार से अवगत कराया है। मुख्यमंत्री ने चिंता जताने और संकट की इस घड़ी में भारत सरकार की ओर से हर संभव सहयोग का भरोसा देने के लिए गृह मंत्री अमित शाह का आभार व्यक्त किया।असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एएसडीएमए) के अनुसार धेमाजी जिले में बाढ़ की स्थिति गंभीर बनी हुई है, जहाँ चार राजस्व सर्किलों के तहत आने वाले 69 गांवों के लगभग 16,000 लोग इस प्राकृतिक आपदा से प्रभावित हुए हैं। मुख्यमंत्री खुद इस पूरी स्थिति की लगातार निगरानी कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने प्रभावित निवासियों की तत्काल सुरक्षा सुनिश्चित करने और उनके दीर्घकालिक पुनर्वास के लिए अपने सभी उपलब्ध संसाधनों को काम पर लगा दिया है। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने जल संसाधन मंत्री सुशांत बोरगोहेन और राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री केशव महंत को धेमाजी में ही मौजूद रहकर राहत और पुनर्वास कार्यों की सीधे निगरानी करने के निर्देश दिए हैं।इस बीच, क्षेत्र में भारी बाढ़ और नदियों के कटाव के कारण रेल संपर्क भी बुरी तरह प्रभावित हुआ है। आर्चिपाथार और सिमेन चपारी स्टेशनों के बीच एक रेलवे पुल भारी बाढ़ और नदी के किनारे के कटाव के कारण क्षतिग्रस्त हो गया है। लगातार हो रही मूसलाधार बारिश और भीषण कटाव की वजह से पुल का एक खंभा अस्थिर हो गया है, जिसके चलते पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे (एनएफआर) ने एहतियात के तौर पर मुरकोंगसेलेक-सिलापाथार मार्ग पर ट्रेनों का परिचालन अगले आदेश तक के लिए स्थगित कर दिया है। सरकार और प्रशासन प्रभावित लोगों तक मदद पहुँचाने और बुनियादी ढांचे को दुरुस्त करने के लिए युद्ध स्तर पर प्रयास कर रहे हैं।
केंद्रीय गृह मंत्री ने असम के मुख्यमंत्री से की बात बाढ़ की स्थिति का लिया जायजा
नई दिल्ली : केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने आज असम के मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत विश्व शर्मा से फोन पर...
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