मिजोरम, आइजोल : मिजोरम में विशेष गहन संशोधन (एसआईआर) की प्रक्रिया पूरी होने के बाद मतदाता सूची से 46,000 से अधिक नाम हटा दिए गए हैं। इस प्रक्रिया के बाद अब राज्य में कुल मतदाताओं की संख्या 8,28,877 रह गई है। संयुक्त मुख्य निर्वाचन अधिकारी एथेल रोथंगपुई ने जानकारी दी कि 20 मई से शुरू हुआ यह संशोधन अभियान सभी गणना प्रपत्रों के डिजिटलीकरण के साथ संपन्न हुआ है।मतदाता सूची से कुल 46,191 नाम हटाए गए हैं, जिसके पीछे मृत्यु, स्थायी प्रवास, दोहरी प्रविष्टि और पता न मिल पाने जैसे कारण रहे हैं। हटाए गए नामों में से 21,290 मतदाता दिवंगत हो चुके थे, 13,992 स्थायी रूप से दूसरे राज्यों या विदेशों में जा चुके थे, 8,352 मतदाताओं का पता नहीं चल सका और 2,245 लोगों के नाम दो जगह दर्ज पाए गए। रोथंगपुई ने यह भी बताया कि इस अभियान के दौरान 312 पात्र मतदाताओं ने अपनी धार्मिक मान्यताओं के कारण मतदाता सूची में शामिल होने या फिर से नाम दर्ज कराने से इनकार कर दिया। ये वे लोग थे जिनके नाम या तो 2025 की मतदाता सूची में थे या फिर पिछले संशोधन के दौरान उनके परिवार के सदस्य नामांकित हुए थे।इस विशेष संशोधन के बाद अब राज्य में मतदाताओं की कुल संख्या घटकर 8,28,877 रह गई है, जो कि 2025 की मतदाता सूची में दर्ज 8.75 लाख से अधिक मतदाताओं का 94.72 प्रतिशत है। इस अभियान के बाद अब 4 जुलाई को प्रारंभिक मतदाता सूची का प्रकाशन किया जाएगा। इसके बाद मतदाता 5 जुलाई से 4 अगस्त तक अपने दावे और आपत्तियां दर्ज करा सकेंगे, जिसके बाद मतदाता सूची को अंतिम रूप दिया जाएगा।यह संशोधन प्रक्रिया ऐसे समय में हुई है, जब छात्र संगठन मिजो जिरलाई पावल (एमजेडपी) द्वारा दक्षिणी मिजोरम के चकमा बहुल इलाकों में मतदाता सूची के विस्तृत सत्यापन की मांग की जा रही है। छात्र संगठन ने हाल ही में आरोप लगाया था कि इस क्षेत्र में मतदाताओं की संख्या में 121 प्रतिशत की वृद्धि हुई है और 97 नए गांव सामने आए हैं। इस मामले पर रोथंगपुई ने कहा कि निर्वाचन आयोग संगठन द्वारा उठाए गए इन मुद्दों और चिंताओं की जांच कर रहा है।
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नई दिल्ली : केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने आज असम के मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत विश्व शर्मा से फोन पर...
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