स्विट्जरलैंड, जिनेवा, वैश्विक मीडिया सुरक्षा एवं अधिकार संस्था प्रेस एम्ब्लेम कैंपेन (पीईसी) ने भारतीय पत्रकार वी जगनमोहन रेड्डी की हत्या पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए इस मामले में निष्पक्ष जांच और न्याय की मांग की है। आंध्र प्रदेश के चित्तूर जिले के वेंकटगिरी कोटैन इलाके में तेलुगु पत्रकार जगनमोहन रेड्डी की उस समय बेरहमी से हत्या कर दी गई, जब वे सुबह की सैर पर निकले थे। स्थानीय मीडिया रिपोर्टों के अनुसार 40 वर्षीय जगनमोहन पर बदमाशों के एक समूह ने घातक हथियारों से हमला किया, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। एबीएन आंध्र ज्योति अखबार से जुड़े इस पत्रकार के शव को बाद में पोस्टमार्टम के लिए पलामनेरू के सरकारी अस्पताल भेजा गया।इस घटना के विरोध में तिरुपति प्रेस क्लब में विभिन्न पत्रकार संगठनों ने प्रदर्शन किया। भारतीय पत्रकार संघ (आईजेयू) ने दावा किया है कि जगनमोहन पर यह हमला इलाके में चंदन तस्करों के खिलाफ उनकी हालिया रिपोर्टिंग के कुछ ही दिनों बाद हुआ है। पत्रकार संगठनों ने कामकाजी पत्रकारों की सुरक्षा और प्रेस की स्वतंत्रता सुनिश्चित करने के लिए एक सख्त नीति बनाने की भी मांग की है।पीईसी के अध्यक्ष ब्लेज लेम्पेन ने इस हत्या की कड़ी निंदा करते हुए राज्य सरकार से हत्या के पीछे के मकसद की गहन जांच करने और दोषियों को कानून के तहत सख्त सजा दिलाने का आग्रह किया है। उन्होंने बताया कि जगनमोहन रेड्डी इस साल भारत में जान गंवाने वाले पहले और दुनिया भर में 26वें मीडियाकर्मी हैं। पीईसी के दक्षिण और दक्षिण-पूर्व एशियाई प्रतिनिधि नव ठाकुरिया ने जानकारी दी कि जिस चित्तूर जिले में यह हत्या हुई, वह आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू का गृह जिला है। मृतक पत्रकार अपने पीछे पत्नी और दो बच्चों को छोड़ गए हैं। गौरतलब है कि पिछले साल भारत ने छह पत्रकारों मुकेश चंद्राकर, राघवेंद्र वाजपेयी, सहदेव डे, धर्मेंद्र सिंह चौहान, नरेश कुमार और राजीव प्रताप सिंह को खोया था।
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स्विट्जरलैंड, ज्यूरिख : फीफा काउंसिल ने एक ऐतिहासिक फैसला लेते हुए निर्वासित अफगान महिला फुटबॉलरों को आधिकारिक अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में...
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