नई दिल्ली : वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं और विभिन्न देशों में मंदी की आशंकाओं के बावजूद भारतीय अर्थव्यवस्था ने अपनी मजबूत बुनियाद का प्रदर्शन किया है। आंकड़ों के अनुसार भारत की सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में 7.8 प्रतिशत की शानदार वृद्धि दर्ज की गई है। इस तेज विकास दर ने भारत को दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में मजबूती से खड़ा कर दिया है। विनिर्माण, सेवा क्षेत्र और बुनियादी ढांचे में सरकारी निवेश के बल पर भारत ने इस चुनौतीपूर्ण वैश्विक माहौल में भी यह मुकाम हासिल किया है।
हालांकि इस आर्थिक सफलता के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों से एक महत्वपूर्ण अपील की है। उन्होंने जनता से आग्रह किया है कि जब तक बहुत अधिक आवश्यकता न हो, तब तक सोना खरीदने से बचें। भारत में बड़े पैमाने पर सोने का आयात किया जाता है, जिसके लिए विदेशी मुद्रा का भुगतान करना पड़ता है। प्रधानमंत्री की इस अपील के पीछे मुख्य उद्देश्य देश के व्यापार घाटे को नियंत्रित करना और भारतीय रुपये को मजबूत बनाए रखना है।
जब देश में सोने का आयात घटता है, तो विदेशी मुद्रा भंडार पर दबाव कम होता है और उस धन का उपयोग राष्ट्र निर्माण व बुनियादी ढांचे के विकास में किया जा सकता है। सरकार चाहती है कि नागरिक अपनी बचत को अनुत्पादक परिसंपत्तियों में लगाने के बजाय देश के वित्तीय बाजारों, म्यूचुअल फंड या अन्य उत्पादक माध्यमों में निवेश करें, जिससे अर्थव्यवस्था को और गति मिल सके।





