सिक्किम, गंगटोक : सिक्किम में ऐतिहासिक नाथू ला दर्रे के माध्यम से भारत और चीन के बीच सीमा पार व्यापार 1 अगस्त से फिर शुरू होने जा रहा है। इसके साथ ही कोविड-19 महामारी के दौरान शुरू हुआ छह साल से अधिक लंबा निलंबन अब समाप्त हो जाएगा।
सिक्किम के वाणिज्य और उद्योग सचिव कर्मा डी. युत्सो ने बताया कि लंबे समय तक निष्क्रियता और खराब मौसम के कारण हुए नुकसान के बावजूद राज्य ने सभी आवश्यक बुनियादी ढांचे की मरम्मत, प्रशासनिक व्यवस्था और सुरक्षा तैयारियां पूरी कर ली हैं। व्यापार को औपचारिक रूप से शुरू करने से पहले रसद, दस्तावेजों और सीमा पार करने की प्रक्रियाओं के परीक्षण के लिए 30 जुलाई को एक ट्रायल रन आयोजित किया जाएगा।
अधिकारियों के अनुसार लंबे समय तक बंद रहने और कड़ाके की ठंड के कारण एकीकृत जांच चौकी (आईसीपी) और शेराथांग ट्रेड मार्ट की स्थिति काफी खराब हो गई थी। अत्यधिक बर्फबारी के कारण मरम्मत कार्य में कुछ देरी जरूर हुई, लेकिन अब इसे सफलतापूर्वक पूरा कर लिया गया है। इसके अलावा क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था को भी मजबूत किया गया है, जिसके तहत भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) ने इस सीजन में अतिरिक्त जवानों की तैनाती की है। इसमें विशेष रूप से पहली बार शेराथांग में एक समर्पित महिला प्लाटून को भी तैनात किया गया है।
अब तक लगभग 38 व्यापारियों को व्यापार पास जारी किए जा चुके हैं और व्यापार शुरू होने से पहले और अधिक व्यापारियों को पास मिलने की उम्मीद है। विदेश मंत्रालय और राज्य खुफिया ब्यूरो की मंजूरी के आधार पर अधिकारी पास जारी करने की समय सीमा बढ़ाने पर भी विचार कर रहे हैं। यह सीमा व्यापार सप्ताह में सोमवार से गुरुवार तक संचालित होगा, जिसमें गेट सुबह 7:30 बजे खुलेगा और प्रत्येक पंजीकृत व्यापारी को प्रतिदिन 2 लाख रुपये तक का व्यापार करने की अनुमति होगी। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि स्वीकृत आयात-निर्यात वस्तुओं की मौजूदा सूची और मानक संचालन प्रक्रियाओं में कोई बदलाव नहीं किया गया है।






