असम, गुवाहाटी : काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान 2026-27 के पर्यटन सत्र के लिए पर्यटकों का स्वागत करने की तैयारियों में जुटा हुआ है। इस सत्र का एक प्रमुख आकर्षण हाथी सफारी होगा, जो 1 नवंबर से शुरू होने जा रही है। यूनेस्को के इस विश्व धरोहर स्थल पर देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों की सुविधा के लिए सभी जरूरी इंतजाम किए जा रहे हैं।
सफारी सत्र की शुरुआत से पहले असम के विभिन्न इलाकों जैसे उत्तर गुवाहाटी, गोलपारा, सिपाझार और मंगलदई से पालतू हाथियों को राष्ट्रीय राजमार्ग 715 के जरिए कलियाबोर होते हुए काजीरंगा लाया जा रहा है। हाईवे पर हाथियों के इस आवागमन को देखने के लिए स्थानीय लोगों में काफी उत्सुकता देखी जा रही है और कई लोग उन्हें देखने के लिए रास्ते में रुक रहे हैं।
काजीरंगा विशेष रूप से अपने एक सींग वाले भारतीय गैंडों के लिए दुनिया भर में प्रसिद्ध है, और हाथी सफारी यहां आने वाले पर्यटकों के लिए एक मुख्य आकर्षण रहती है। इसके जरिए पर्यटक पार्क के तय इलाकों में घूमकर यहां के वन्यजीवों और प्राकृतिक खूबसूरती को करीब से देख पाते हैं।
1 नवंबर से शुरू हो रही हाथी सफारी से राज्य के पर्यटन क्षेत्र और टूर ऑपरेटरों को काफी उम्मीदें हैं, क्योंकि यह सत्र असम के वन्यजीव पर्यटन के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। असम की ब्रह्मपुत्र घाटी में स्थित काजीरंगा अपने घास के मैदानों, आर्द्रभूमि और समृद्ध जैव विविधता के लिए जाना जाता है, जो इसे पूर्वोत्तर भारत का एक प्रमुख पर्यटन स्थल बनाते हैं।





