असम, गुवाहाटी : असम के न्यायिक मंत्री सुशांत बोरगोहाईं ने बताया कि गौहाटी उच्च न्यायालय द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार इस साल 31 मार्च तक असम की विभिन्न अधीनस्थ अदालतों में कम से कम 265 मामले 20 से अधिक वर्षों से लंबित पड़े हुए हैं।
असम विधानसभा के बजट सत्र के दौरान एआईयूडीएफ विधायक बदरुद्दीन अजमल के एक सवाल के लिखित जवाब में उन्होंने यह यह भी बताया कि इस साल 30 जून तक गौहाटी उच्च न्यायालय की मुख्य पीठ में भी 10 ऐसे मामले हैं, जो 20 से अधिक वर्षों से लंबित हैं। मामलों के इस बढ़ते बोझ को कम करने और न्यायिक प्रक्रिया में तेजी लाने के लिए सरकार द्वारा उठाए जा रहे कदमों की जानकारी देते हुए बोरगोहाईं ने कहा कि जजों के 11 नए पदों के सृजन का एक प्रस्ताव इस समय सरकार के पास प्रक्रियाधीन है।
इसके साथ ही उन्होंने स्पष्ट किया कि अदालतों में लंबित मामलों की संख्या को घटाने के उद्देश्य से सरकार भविष्य में भी गंभीर कदम उठाएगी। उन्होंने भरोसा दिलाया कि मौजूदा नियमों, प्रशासनिक आवश्यकताओं और वित्तीय क्षमता के अनुसार अधिक जजों की भर्ती के लिए गौहाटी उच्च न्यायालय की ओर से आने वाले किसी भी अन्य प्रस्ताव पर सरकार सकारात्मक रूप से विचार करेगी।






