असम, गुवाहाटी : असम के छात्रों और संगीत प्रेमियों के लिए एक सुखদ खबर है कि उच्चतर माध्यमिक के नए शैक्षणिक सत्र में राज्य के चहेते कलाकार जुबिन गर्ग के विचारों और उनके कार्यों की गूंज सुनाई देगी। असम राज्य विद्यालय शिक्षा परिषद (संभाग-2) ने शैक्षणिक वर्ष 2026-27 के लिए उच्चतर माध्यमिक और सीनियर सेकेंडरी स्कूलों की शैक्षणिक कैलेंडर में जुबिन गर्ग को थीम के रूप में शामिल किया है। परिषद का यह निर्णय कलाकार की उस इच्छा का सम्मान है, जिसमें उन्होंने कहा था कि वे चाहते हैं कि लोग उन्हें उनके नाम से ज्यादा उनके काम के लिए याद रखें। इससे पहले इस कैलेंडर में महात्मा गांधी, जी-20 और आजादी का अमृत महोत्सव जैसे महत्वपूर्ण विषयों को स्थान दिया जा चुका है, लेकिन इस बार प्रकृति प्रेमी और महान कलाकार जुबिन गर्ग के माध्यम से छात्रों को जीवन के गहरे संदेश दिए जाएंगे।इस शैक्षणिक कैलेंडर की शुरुआत जुबिन गर्ग की उन पंक्तियों से होती है, जहां वे यूकेलिप्टस के पेड़ की तरह ऊंचा होने और आसमान छूने का संकल्प व्यक्त करते हैं। परिषद ने उनके जीवन दर्शन और प्रकृति के प्रति उनके प्रेम को दर्शाने वाले कई प्रेरक उद्धरणों को इसमें संकलित किया है। गौरतलब है कि पिछले वर्ष 19 सितंबर को सिंगापुर में जुबिन गर्ग का निधन हो गया था, और उनकी रचनात्मकता व मानवतावाद को नई पीढ़ी के बीच जीवित रखने के लिए शिक्षकों से विशेष आग्रह किया गया है। कैलेंडर में उनके 12 प्रमुख उद्धरण शामिल किए गए हैं, जिन पर साल के हर महीने कक्षा में चर्चा की जाएगी। इसके अलावा एक विशेष पाठ भी उनके जीवन और योगदान पर आधारित होगा।कैलेंडर के अनुसार हर महीने के लिए एक विशिष्ट विचार तय किया गया है। जैसे मई माह में शोषण से मुक्ति और शांति पर उनके विचारों पर चर्चा होगी, तो जून में कला और अर्थव्यवस्था के अंतर्संबंधों पर बात की जाएगी। जुलाई के लिए उनका वह संदेश चुना गया है, जिसमें उन्होंने कहा था कि इंसानों को दुख देकर ईश्वर की पूजा करना व्यर्थ है, असली सेवा जरूरतमंदों के चेहरे पर मुस्कान लाना है। इसी तरह किताबें न पढ़ने वाली जाति को गमोछा नहीं बचा सकता जैसे उनके तीखे और तार्किक विचारों को भी इसमें जगह दी गई है।शिक्षा परिषद का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी छात्र जुबिन गर्ग के आदर्शों और उनके योद्धा वाले दृष्टिकोण से अनभिज्ञ न रहे। उनके प्रसिद्ध कथन जैसे दुनिया दिमाग और दिल से चलती है और मैं पैसों से नहीं बल्कि मन से अमीर होना चाहता हूं छात्रों को प्रेरित करेंगे। विशेष रूप से नई पीढ़ी के लिए उनका यह संदेश कि सिर्फ किताबी ज्ञान से डिग्री मिल सकती है लेकिन जीवन का असली स्वाद नहीं, शिक्षा के प्रति एक व्यापक दृष्टिकोण प्रदान करेगा। जुबिन गर्ग भले ही शारीरिक रूप से हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन शैक्षणिक कैलेंडर के माध्यम से उनके विचार अब असम के हर विद्यालय और छात्र के जीवन का हिस्सा बनेंगे।
असम के शैक्षणिक कैलेंडर में छाएंगे जुबिन गर्ग
असम, गुवाहाटी : असम के छात्रों और संगीत प्रेमियों के लिए एक सुखদ खबर है कि उच्चतर माध्यमिक के नए...
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