असम, गुवाहाटी : 16वीं असम विधानसभा के उद्घाटन सत्र के तीसरे दिन आज सदन के पटल पर बहुचर्चित समान नागरिक संहिता (यूसीसी) असम विधेयक 2026 का पेश किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत विश्व शर्मा सदन में इस विधेयक को औपचारिक रूप से सदन के सामने रखेंगे। मालूम हो कि मुख्यमंत्री ने पहले ही संकेत दिया था कि सरकार राज्य में स्वदेशी लोगों के अधिकारों की रक्षा, अवैध प्रवासियों की पहचान और नागरिकता से जुड़े नियमों को अधिक पारदर्शी व सुदृढ़ बनाने के लिए इस कानून के विभिन्न पहलुओं और इसकी प्रगति रिपोर्ट को सदन के पटल रखेगी। माना जा रहा है कि विधायक के पेश होने के बाद इसके क्रियान्वयन और इसके तहत किए जा रहे प्रशासनिक सुधारों पर विपक्ष के साथ तीखी बहस होने के भी आसार हैं। इसके अलावा आज ही के दिन एक महत्वपूर्ण वैधानिक संकल्प भी चर्चा के लिए सदन में पेश किया जाएगा। महिला एवं बाल विकास मंत्री अजंता नेयोग सदन में एक प्रस्ताव पेश करेंगी, जिसमें मांग की जाएगी कि महिलाओं के सशक्तिकरण और विकास को सुनिश्चित करने के लिए परिसीमन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद देश की संसद और सभी विधानसभाओं में महिलाओं के लिए एक-तिहाई आरक्षण को तत्काल प्रभाव से लागू किया जाए। विस सचिवालय की ओर से जारी किए गए आधिकारिक बयान में आगे बताया गया है कि कार्यसूची में राज्यपाल के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर आगे की चर्चा भी शामिल है, जिसे 22 मई को पेश किया गया था। इस पर संशोधन के प्रस्ताव भी लाए जाएंगे।संसदीय कार्य मंत्री अतुल बोरा सरकार के वित्त वर्ष 2024-2025 के राज्य वित्त पर नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक की रिपोर्ट और मार्च 2024 को समाप्त अवधि के लिए स्थानीय निकायों पर कैग की रिपोर्ट सदन के समक्ष रखेंगे। सत्र की शुरुआत में विधानसभा अध्यक्ष रंजीत कुमार दास कार्य मंत्रणा समिति (बीएससी) की रिपोर्ट पेश करेंगे। मुख्यमंत्री वित्तीय वर्ष 2024-25 के लिए असम सूचना आयोग की वार्षिक रिपोर्ट सदन के पटल पर रखेंगे।
असम विस में आज पेश होगा यूसीसी विधेयक
असम, गुवाहाटी : 16वीं असम विधानसभा के उद्घाटन सत्र के तीसरे दिन आज सदन के पटल पर बहुचर्चित समान नागरिक...
Read more






