असम, डिब्रूगढ़ : केंद्रीय बंदरगाह, जहाजरानी और जलमार्ग मंत्री सर्वानंद सोनोवाल ने असम के डिब्रूगढ़ से बांग्लादेश की राजधानी ढाका के लिए पहले अंतरराष्ट्रीय अंतर्देशीय जलमार्ग कार्गो जहाज को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। स्वतंत्रता के बाद यह पहला मौका है जब डिब्रूगढ़ से ब्रह्मपुत्र नदी के राष्ट्रीय जलमार्ग-2 का उपयोग करते हुए किसी अंतर्राष्ट्रीय मालवाहक यात्रा की शुरुआत की गई है। इस ऐतिहासिक घटना को पूर्वोत्तर भारत के परिवहन, लॉजिस्टिक्स और क्षेत्रीय व्यापार के इतिहास में एक नया और निर्णायक मोड़ माना जा रहा है।
इस अवसर पर बोलते हुए केंद्रीय मंत्री सोनोवाल ने कहा कि देश की आजादी के बाद पहली बार इस तरह की अंतर्राष्ट्रीय मालवाहक यात्रा का शुभारंभ होना एक गर्व का क्षण है। उन्होंने जोर देकर कहा कि यह पहल भारत के अंतर्देशीय जलमार्ग नेटवर्क के पुनरुद्धार की दिशा में एक बेहद महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होगी। इससे न केवल ब्रह्मपुत्र नदी के माध्यम से व्यापार की सुगमता बढ़ेगी, बल्कि माल ढुलाई की लागत और समय में भी भारी कमी आएगी, जिससे स्थानीय उद्योगपतियों और व्यापारियों को सीधा फायदा पहुंचेगा।
इस जलमार्ग सेवा के शुरू होने से असम और पूरे पूर्वोत्तर क्षेत्र के लिए अंतरराष्ट्रीय व्यापार और आर्थिक विकास के नए दरवाजे खुलेंगे। बांग्लादेश के साथ इस सीधे जलमार्ग संपर्क के जरिए पूर्वोत्तर के कृषि उत्पाद, हस्तशिल्प और औद्योगिक सामान अब आसानी से और किफायती दरों पर अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंच सकेंगे। सरकार के इस कदम को एक्ट ईस्ट पॉलिसी और पूर्वोत्तर भारत को दक्षिण-पूर्व एशिया से जोड़ने के विजन को जमीनी स्तर पर मजबूती से लागू करने के रूप में देखा जा रहा है।





