असम, गुवाहाटी : असम के मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत विश्व शर्मा ने आज गुवाहाटी में बताया कि मुख्यमंत्री राहत कोष के लिए धनराशि जुटाने के उद्देश्य से एक विशेष चाय नीलामी का आयोजन किया गया। इस अनूठी कल्याणकारी पहल के तहत चाय उत्पादकों और खरीदारों को एक साथ लाकर उन्हें एक बड़े सामाजिक कार्य में योगदान देने का अवसर दिया गया। नीलामी में शामिल हुए सभी हितधारकों का आभार व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इस आयोजन ने चाय उद्योग को अपनी नियमित व्यावसायिक गतिविधियों से आगे बढ़कर जन कल्याण में सामूहिक भागीदारी निभाने का मंच प्रदान किया है।
यह पहल असम की ऐतिहासिक चाय अर्थव्यवस्था के बीच आयोजित की गई है, जहां गुवाहाटी चाय नीलामी केंद्र (जीटीएसी) असम और पूरे पूर्वोत्तर के चाय व्यापार के लिए एक प्रमुख केंद्र के रूप में काम करता है। यह नीलामी केंद्र उत्पादकों, ब्रोकरों और खरीदारों को आपस में जोड़कर चाय बागानों को घरेलू व व्यापक बाजारों से जोड़ता है। यह विशेष आयोजन ऐसे समय में हुआ है जब असम के चाय क्षेत्र में प्रीमियम और स्पेशलिटी किस्मों की मांग लगातार बढ़ रही है। हाल ही में सितंबर महीने में ही असम में तैयार की गई पु-एर स्टाइल की एक विशेष चाय जीटीएसी में 12,000 रुपये प्रति किलोग्राम की रिकॉर्ड कीमत पर बिकी थी। इसके अलावा वर्ष 2026 में 1 अप्रैल से 25 सितंबर के बीच इस केंद्र के माध्यम से 106 मिलियन किलोग्राम से अधिक चाय की बिक्री हुई, जिसमें औसत मूल्य लगभग 241 रुपये प्रति किलोग्राम दर्ज किया गया।
चाय उद्योग पूरे असम में आजीविका का मुख्य जरिया है, जो बागान श्रमिकों, उनके परिवारों और व्यापार व परिवहन से जुड़े व्यवसायों को सहारा देता है। राज्य सरकार ने भी इस क्षेत्र को और अधिक सशक्त बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं, जिसमें सितंबर में अधिसूचित असम चाय उद्योग विशेष प्रोत्साहन योजना के तहत चाय निर्यात पर प्रोत्साहन तथा ऑर्थोडॉक्स व स्पेशलिटी चाय उत्पादन को बढ़ावा देना शामिल है। इसके साथ ही प्रस्तावित गुवाहाटी-तेजपुर कॉरिडोर से लॉजिस्टिक्स लागत कम होने और कनेक्टिविटी में सुधार होने की उम्मीद है। इसी मजबूत पृष्ठभूमि के बीच आयोजित इस विशेष नीलामी ने असम के स्थापित चाय व्यापार नेटवर्क को एक जन कल्याणकारी सामाजिक अभियान से सफलतापूर्वक जोड़ दिया है।





