मिजोरम, आइजोल : मिजोरम सरकार ने आज लालमिंगथांगा सनाटे के नेतृत्व वाले हमार पीपुल्स कन्वेंशन (डेमोक्रेटिक) गुट के साथ एक ऐतिहासिक शांति समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं, जिससे राज्य में दशकों से चले आ रहे उग्रवाद का अंत हो गया है। सिनलुंग हिल्स काउंसिल (एसएचसी) के मुख्यालय साकवरदा में आयोजित एक समारोह के दौरान मिजोरम के गृह सचिव डेविड लालिथनतलुआंगा और एचपीसी (डी) के अध्यक्ष लालमिंगथांगा सनाटे ने समझौते के ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए। इस अवसर पर वरिष्ठ अधिकारियों के साथ हमार समुदाय के कई प्रमुख नेता भी मौजूद रहे। इस समझौते के तहत मिजोरम के उत्तरी और पूर्वोत्तर क्षेत्रों में स्थित हमार बहुल सिनलुंग हिल्स काउंसिल क्षेत्र के लिए एक विस्तृत विकास रोडमैप तैयार किया गया है। इसमें बजट आवंटन बढ़ाने, विशेष विकास पैकेज देने और बुनियादी ढांचे के साथ-साथ कनेक्टिविटी में सुधार के प्रावधान शामिल किए गए हैं। समझौते के हिस्से के रूप में सनाटे गुट के 43 कैडर हथियार डालकर मुख्यधारा में शामिल होंगे, जिनके लिए 30 अप्रैल को आइजोल के पास सेसांग में एक घर वापसी समारोह आयोजित किया जाएगा। इसके अलावा हमार समुदाय के सबसे बड़े त्योहार ‘सिकपुई रुई’ को भी आधिकारिक मान्यता दी गई है, जो हर साल 5 दिसंबर को मनाया जाता है। गृह सचिव लालिथनतलुआंगा ने बताया कि राज्य ने इससे पहले 1994 और 2018 में भी हमार उग्रवादी समूहों के साथ शांति समझौते किए थे, लेकिन 2026 का यह नवीनतम समझौता अब शांति प्रक्रिया को पूरी तरह से पूर्ण करता है। अधिकारियों ने इस समझौते को मिजोरम के लिए एक मील का पत्थर बताते हुए आशा व्यक्त की है कि विकास पर केंद्रित यह प्रतिबद्धता क्षेत्र में स्थायी शांति सुनिश्चित करेगी और भविष्य में किसी भी तरह की अशांति की संभावना को खत्म कर देगी।
बिष्णुपुर में धारा 163 लागू
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