मणिपुर, बिष्णुपुर : मणिपुर के बिष्णुपुर जिले में 14 अप्रैल को उस समय तनाव व्याप्त हो गया जब प्रदर्शनकारियों और सुरक्षा बलों के बीच तीखी झड़पें हुईं। यह हिंसा थिंगुन्गेई और आसपास के निंगथौखोंग इलाकों में तब भड़की, जब स्थानीय लोग त्रोंगलाओबी में हुए हालिया बम धमाके के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर रहे थे, जिसमें दो बच्चों की जान चली गई थी। इस बीच हथियारों के साथ संदिग्ध व्यक्तियों की मौजूदगी की अफवाहों ने आग में घी डालने का काम किया और स्थिति बेकाबू हो गई। अधिकारियों के अनुसार दोपहर करीब 1.30 बजे हिंसा तब शुरू हुई जब भीड़ ने सुरक्षा बलों के वाहनों को रोक लिया। अफवाहों से उत्तेजित भीड़ ने सुरक्षाकर्मियों को बंधक बनाने की कोशिश की और वाहनों में तोड़फोड़ करते हुए एक गाड़ी को आग के हवाले कर दिया। इस संघर्ष में 10 से अधिक लोगों को मामूली चोटें आई हैं। स्थिति को संभालने के लिए अतिरिक्त बल तैनात किया गया और आंसू गैस के गोले छोड़कर भीड़ को तितर-बितर किया गया। पुलिस ने इस मामले में अब तक चार लोगों को गिरफ्तार किया है और आगजनी व सरकारी कार्य में बाधा डालने वाले अन्य उपद्रवियों की पहचान की जा रही है। शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए इलाके में फ्लैग मार्च भी निकाला गया। प्रशासन ने अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी है और एहतियात के तौर पर भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 163 लागू कर दी है, जिसके तहत अगले आदेश तक सार्वजनिक आवाजाही पर प्रतिबंध रहेगा।
बिष्णुपुर में धारा 163 लागू
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