त्रिपुरा, अगरतला : त्रिपुरा सरकार राज्य में बढ़ते निवेश और औद्योगिक प्रस्तावों को गति देने के लिए आगामी जुलाई में एक विशाल बिजनेस कॉन्क्लेव आयोजित करने की तैयारी कर रही है। आधिकारिक जानकारी के अनुसार साल 2022 से अब तक राज्य ने 35,140 करोड़ रुपये मूल्य के 394 समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर किए हैं, जिनमें से 5,352 करोड़ रुपये की परियोजनाएं पहले ही धरातल पर उतर चुकी हैं। इस प्रस्तावित कॉन्क्लेव में देश भर के प्रमुख उद्योगपतियों, निवेशकों और व्यापारिक दिग्गजों के शामिल होने की उम्मीद है।उद्योग एवं वाणिज्य सचिव किरण गित्ते ने बताया कि केंद्र सरकार की राष्ट्रीय अनुपालन न्यूनीकरण और ढील पहल के तहत त्रिपुरा डीरेगुलेशन फेज-2 के सभी प्राथमिकता वाले क्षेत्रों को पूरा करने वाला देश का पहला राज्य बन गया है। इन सुधारों का मुख्य उद्देश्य उद्योगों और सेवा क्षेत्र के उद्यमों के लिए मंजूरी की प्रक्रिया को सरल बनाना और प्रक्रियात्मक बाधाओं को कम करना है। सरकार का मानना है कि बुनियादी ढांचे में सुधार और निवेश के अनुकूल माहौल के कारण त्रिपुरा पूर्वोत्तर में एक उभरते हुए निवेश गंतव्य के रूप में स्थापित हुआ है।किरण गित्ते ने इस बात पर जोर दिया कि निवेश और उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए आवश्यक रेलवे, राष्ट्रीय राजमार्ग और हवाई मार्ग जैसे बुनियादी ढांचे को पहले ही सुदृढ़ कर लिया गया है। विभाग देश के बड़े शहरों में रोड शो भी आयोजित कर रहा है ताकि त्रिपुरा की औद्योगिक क्षमता का प्रदर्शन किया जा सके। उद्योग जगत से मिली प्रतिक्रिया के आधार पर सरकार को उम्मीद है कि आगामी कॉन्क्लेव में लगभग 40,000 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव मिल सकते हैं। अधिकारियों के मुताबिक, यदि निजी निवेश के माध्यम से 10,000 करोड़ रुपये राज्य में आते हैं, तो इससे त्रिपुरा की जीडीपी वृद्धि दर 12 प्रतिशत से बढ़कर 16 प्रतिशत तक पहुंच सकती है।इसके साथ ही राज्य सरकार बेहतर कनेक्टिविटी और नियामक सुधारों के माध्यम से आईटी कंपनियों को भी आकर्षित करने का प्रयास कर रही है। त्रिपुरा के सबरूम को बांग्लादेश के रामगढ़ से जोड़ने वाले मैत्री सेतु पुल को चालू करने के संबंध में सचिव ने बताया कि राज्य सरकार ने केंद्र को पत्र लिखकर इसे जल्द खोलने का अनुरोध किया है। यह पुल व्यापार और क्षेत्रीय संपर्क को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा और उम्मीद है कि यह जल्द ही पूरी तरह कार्यात्मक हो जाएगा।
उपमुख्यमंत्री ने एसआईआर पर उठाए सवाल
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