असम, गुवाहाटी : केंद्रीय बंदरगाह, जहाजरानी और जलमार्ग मंत्री सर्वानंद सोनोवाल ने असम विधानसभा में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) विधेयक पारित होने को एक ऐतिहासिक मील का पत्थर बताया है। उन्होंने कहा कि यह राज्य के इतिहास में एक नए अध्याय की शुरुआत है। असम विधानसभा में यूसीसी के पारित होने पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए सोनोवाल ने कहा कि यह कदम सामाजिक न्याय, समानता और सुशासन की दिशा में एक बड़ा बदलाव लाने वाला साबित होगा।केंद्रीय मंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि यह विधेयक असम के मूल निवासियों और जनजातीय समुदायों के संवैधानिक, सामाजिक और सांस्कृतिक अधिकारों की रक्षा करते हुए एक सुव्यवस्थित और न्यायसंगत नागरिक ढांचा तैयार करने का मार्ग प्रशस्त करेगा। उन्होंने कहा कि महिलाओं के सशक्तिकरण, समान अधिकार और सामाजिक सद्भाव को मजबूत करने की दिशा में भी इस फैसले का विशेष महत्व है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) सरकार के सुधार एजेंडे की सराहना करते हुए सोनोवाल ने कहा कि देश भर में जो बदलाव और सुधारों का दौर चल रहा है, यह ऐतिहासिक निर्णय उसी दूरदर्शी यात्रा का एक मजबूत प्रतिबिंब है। इसके साथ ही उन्होंने इस ऐतिहासिक पहल को जमीन पर उतारने के लिए असम के मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत विश्व शर्मा को बधाई दी। सोनोवाल ने कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में असम एक सुरक्षित, न्यायसंगत और समृद्ध भविष्य की ओर पूरे आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ रहा है।
भारत-बांग्लादेश सीमा पर बाड़ लगाने में मेघालय काफी आगे : मुख्यमंत्री
मेघालय, शिलांग : मेघालय के मुख्यमंत्री कॉनराड के संगमा ने कहा है कि मेघालय में भारत-बांग्लादेश सीमा पर बाड़ लगाने...
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