दक्षिण कोरिया, बुसान : दक्षिण कोरिया के प्रमुख समुद्री और औद्योगिक शहर बुसान की चार दिवसीय आधिकारिक यात्रा पर पहुंचे केंद्रीय बंदरगाह, जहाजरानी और जलमार्ग मंत्री सर्वानंद सोनोवाल ने दोनों देशों के बीच जहाजरानी, जहाज निर्माण तथा समुद्री बुनियादी ढांचे में द्विपक्षीय सहयोग एवं सामरिक संबंधों को मजबूत करने के उद्देश्य से कई महत्वपूर्ण वार्ताएं कीं। अपनी यात्रा के पहले ही दिन उन्होंने बुसान में जहाज निर्माण और समुद्री इंजीनियरिंग क्षेत्र में कार्यरत भारतीय समुदाय एवं सैमसंग हैवी इंडस्ट्रीज, हानव्हा ओशियन, एचडी हुंडई, डीएनवी तथा भारतीय पोत पंजीकरण जैसी प्रमुख संस्थाओं में कार्यरत पेशेवरों से आत्मीय संवाद कर दौरा शुरू किया।भारतीय राजदूत गौरंगलाल दास द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में सोनोवाल ने वैश्विक समुद्री क्षेत्र में भारतीय इंजीनियरों और तकनीशियनों के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि दक्षिण कोरिया जैसे अग्रणी जहाज निर्माण केंद्र में भारतीय पेशेवरों द्वारा किया जा रहा कार्य देश के लिए गर्व का विषय है। संवाद के दौरान उन्होंने उपस्थित जनसमूह को भारत के समृद्ध समुद्री इतिहास तथा भारत समुद्री दृष्टिकोण 2030 और समुद्री अमृत काल दृष्टिकोण 2047 के तहत केंद्र सरकार द्वारा इस क्षेत्र के कायाकल्प के लिए उठाए जा रहे कदमों से अवगत कराया, जिसका उद्देश्य भारत को विश्व के शीर्ष पांच जहाज निर्माण देशों में शामिल करना और जहाज निर्माण, मरम्मत तथा समुद्री निर्माण का वैश्विक केंद्र बनाना है। कार्यक्रम में दक्षिण कोरिया के जहाज निर्माण क्षेत्र में 50 से अधिक वर्षों का अनुभव रखने वाले एक वरिष्ठ विशेषज्ञ ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत के समुद्री क्षेत्र में हुए ढांचागत सुधारों, बंदरगाहों के आधुिनकीकरण और त्वरित विकास की खुले दिल से प्रशंसा की, जिस पर प्रतिक्रिया देते हुए सोनोवाल ने कहा कि जब अंतर्राष्ट्रीय स्तर के अनुभवी विशेषज्ञ भारत की प्रगति को स्वीकार करते हैं, तो यह भारत के संकल्प को और अधिक मजबूत करता है। उन्होंने बताया कि गत अप्रैल में दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति ली जे-म्यून की भारत यात्रा के दौरान अपनाई गई समुद्री यात्राएं पहल केवल एक सरकारी समझौता नहीं है, बल्कि यह दोनों देशों के बीच जहाज निर्माण, जहाजरानी और समुद्री आयात-निर्यात को नई गति देने वाला एक रणनीतिक मंच है। उन्होंने कोरिया में कार्यरत भारतीय पेशेवरों से अपील की कि वे अपने तकनीकी ज्ञान, अनुभव और विशेषज्ञता का उपयोग करते हुए दोनों देशों के बीच संबंधों की सेतु की तरह काम करें, कोरिया में अर्जित अपने अनुभवों से भारत की नई पीढ़ी को प्रेरित करें और भारत के जहाजी कारखानों की उत्पादन क्षमता बढ़ाने, विश्वस्तरीय कुशल कार्यबल तैयार करने तथा तकनीक एवं नवाचार में भारत-कोरियाई उद्योगों के बीच सहयोग को मजबूत करने में अपना मार्गदर्शन दें। अपनी इस यात्रा के दौरान केंद्रीय मंत्री कोरिया के महासागरीय एवं मत्स्य मंत्रालय के उपमंत्री के साथ द्विपक्षीय बैठक करेंगे तथा विश्व समुद्री दिवस के अवसर पर बुसान में आयोजित मंत्रिस्तरीय गोलमेज सम्मेलन में भी भाग लेंगे, जिसमें दक्षिण कोरिया, साइप्रस, श्रीलंका, मॉरीशस और नॉर्वे के मंत्रियों के साथ अंतरराष्ट्रीय समुद्री संगठन के महासचिव भी शामिल होंगे।
सोनोवाल ने की कोरिया व साइप्रस के साथ साझेदारी पर चर्चा
दक्षिण कोरिया, बुसान : दक्षिण कोरिया के बुसान में केंद्रीय पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्री सर्वानंद सोनोवाल की अध्यक्षता...
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