नई दिल्ली : भारत और पोलैंड के रिश्तों को नई दिशा देने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पोलैंड के प्रधानमंत्री डोनाल्ड टस्क के बीच नई दिल्ली में अहम बैठक हो रही है। पोलैंड के प्रधानमंत्री टस्क अपने आधिकारिक दौरे के तहत नई दिल्ली पहुंच चुके हैं और उनके साथ पोलैंड के वित्त एवं अर्थव्यवस्था मंत्री आंद्रेज डोमान्स्की तथा एक बड़ा कारोबारी प्रतिनिधिमंडल भी आया है। दोनों देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने के साथ-साथ व्यापार, निवेश, रक्षा, उभरती तकनीक और नवीकरणीय ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में आपसी सहयोग बढ़ाने पर विस्तार से चर्चा की जा रही है।
इस दौरे के तहत दिल्ली में कई अहम कार्यक्रमों का आयोजन किया गया है, जिसमें दोनों प्रधानमंत्रियों की द्विपक्षीय बैठक मुख्य है। इस बैठक में दोनों नेता भारत-पोलैंड संबंधों की प्रगति की समीक्षा करने के साथ-साथ क्षेत्रीय तथा वैश्विक मुद्दों पर अपने विचार साझा कर रहे हैं। इसके अलावा दिल्ली में भारत-पोलैंड बिजनेस फोरम का भी आयोजन किया गया है, जिसमें दोनों देशों के कारोबारी प्रतिनिधि हिस्सा ले रहे हैं और व्यापार तथा निवेश से जुड़े नए अवसरों पर तलाश कर रहे हैं। इस दौरान रक्षा सहयोग, डिजिटल तकनीक, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, सेमीकंडक्टर, अंतरिक्ष, ऊर्जा, शिक्षा, संस्कृति और लोगों के आपसी संपर्क जैसे विषयों पर सहयोग को आगे बढ़ाने पर विशेष जोर दिया जा रहा है।
दिल्ली के कार्यक्रमों के बाद पोलैंड के प्रधानमंत्री बंगलूरू का दौरा करेंगे, जहां 23 अक्तूबर को उनका बंगलूरू में बिजनेस फोरम से जुड़ा कार्यक्रम निर्धारित है। बंगलूरू प्रवास के दौरान वह सूचना प्रौद्योगिकी और अंतरिक्ष क्षेत्र से जुड़े प्रमुख कारोबारियों तथा अन्य प्रतिनिधियों के साथ बातचीत करेंगे। विदेश मंत्रालय के अनुसार, यह यात्रा दोनों देशों की रणनीतिक साझेदारी को और अधिक मजबूत करने तथा साझा हितों वाले क्षेत्रों में आपसी सहयोग को नई ऊंचाइयां देने का एक सुनहरा अवसर है।
गौरतलब है कि भारत और पोलैंड के संबंधों में अगस्त 2024 में एक ऐतिहासिक बदलाव आया था, जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पोलैंड यात्रा के दौरान दोनों देशों ने अपने आपसी रिश्तों को रणनीतिक साझेदारी के दर्जे में तब्दील किया था। मौजूदा उच्चस्तरीय बैठकों में दोनों नेता इसी रणनीतिक साझेदारी के तहत अब तक हुई प्रगति की समीक्षा कर रहे हैं और इसके दायरे को आगे बढ़ाने पर विचार कर रहे हैं। इसके साथ ही, दोनों देश भारत और यूरोपीय संघ के बीच की रणनीतिक साझेदारी को भी और अधिक मजबूत करने के मुद्दों पर विचार-विमर्श कर रहे हैं।






