मिजोरम, आइजोल : मिजोरम में साल 2026 के शुरुआती छह महीनों के भीतर तपेदिक (टीबी) के कारण 71 लोगों की जान जा चुकी है और इस बीमारी के 1,050 से अधिक नए मामलों की पुष्टि हुई है। राज्य के स्वास्थ्य अधिकारियों द्वारा जारी आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार इस साल जनवरी से जून के बीच कुल 61,246 संदिग्ध लोगों की टीबी जांच की गई थी, जिनमें से 1,087 मरीजों में इस बीमारी की पुष्टि हुई है। राज्य टीबी अधिकारी ज़ोछुआनावमी ने बताया कि कुल संक्रमितों में से 600 पुरुष हैं, जबकि 14 वर्ष से कम उम्र के 68 बच्चे भी इस बीमारी की चपेट में आए हैं।अधिकारी ने बताया कि इस छह महीने की अवधि के दौरान कुल 71 मरीजों ने दम तोड़ दिया। हालांकि राहत की बात यह है कि राज्य के टीबी उपचार कार्यक्रम के तहत इलाज करा रहे मरीजों में ठीक होने की दर 86.49 प्रतिशत रही है। टीबी मरीजों की मदद के लिए किए जा रहे प्रयासों पर बात करते हुए ज़ोछुआनावमी ने कहा कि विभिन्न सहायता योजनाओं के तहत मंत्रियों, विधायकों और सरकारी अधिकारियों द्वारा 374 मरीजों को पोषण किट के माध्यम से पौष्टिक आहार उपलब्ध कराया जा रहा है।इस प्रगति के बावजूद उन्होंने इस बात पर चिंता जताई कि वर्तमान में इलाज करा रहे टीबी मरीजों में से केवल 28 प्रतिशत को ही दाताओं का सहयोग मिल पा रहा है। उन्होंने मरीजों की मदद के लिए समाज की अधिक भागीदारी और ज्यादा से ज्यादा दाताओं के आगे आने की आवश्यकता पर बल दिया। स्वास्थ्य अधिकारियों का कहना है कि राज्य में टीबी के बोझ को कम करने के लिए लगातार जागरूकता अभियान, समय पर जांच, पोषण संबंधी सहायता और सही समय पर इलाज बेहद महत्वपूर्ण हैं। भारत में टीबी अभी भी एक बड़ी सार्वजनिक स्वास्थ्य समस्या बनी हुई है, जिसे देखते हुए मिजोरम के स्वास्थ्य अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि लक्षण दिखने पर वे बिना देरी किए तुरंत चिकित्सकीय सलाह लें।
मृतकों की संख्या 235 तक पहुंची
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