मणिपुर, कांगपोकपी : मणिपुर के कांगपोकपी जिले में दो युवकों की हत्या के विरोध में एक आदिवासी संगठन द्वारा बुलाए गए बंद के कारण लगातार दूसरे दिन सामान्य जनजीवन प्रभावित रहा। प्रदर्शन के चलते बाजार और व्यावसायिक संस्थान पूरी तरह बंद रहे। पुलिस के अनुसार राष्ट्रीय राजमार्ग के जरिए इंफाल की ओर जाने वाले कई सामान से लदे वाहन कांगपोकपी में प्रवेश नहीं कर सके और पड़ोसी सेनापति जिले में ही फंसे रहे। स्थिति को देखते हुए किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए कांगपोकपी में अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं।
कमेटी ऑन ट्राइबल यूनिटी ने दो कुकी नागरिकों की हत्या पर राज्य सरकार की कथित निष्क्रियता के विरोध में इस बंद का आह्वान किया था। कुछ दिन पहले लापता हुए इन दोनों युवकों के क्षत-विक्षत शव पड़ोसी सेनापति जिले के पहाड़ी इलाके से बरामद किए गए थे।
कुकी संगठन ने अपने बयान में कहा कि बंद का विस्तार सरकार की अनिश्चितता, चुप्पी और पीड़ितों को न्याय दिलाने के लिए ठोस कार्रवाई करने में विफलता के विरोध में किया गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि कुकी-ज़ो समुदाय न्याय की जगह सिर्फ खोखले आश्वासनों को स्वीकार नहीं करेगा और दोषियों के खिलाफ समयबद्ध कार्रवाई की मांग की। मणिपुर में मई 2023 से घाटी में रहने वाले मैतेई और पहाड़ी इलाकों के कुकी समुदायों के बीच जातीय हिंसा जारी है, जिसमें अब तक कम से कम 306 लोगों की जान जा चुकी है, 49 लोग लापता हैं और हजारों लोग विस्थापित हुए हैं। वहीं हाल के महीनों में कुकी और नागा समुदायों के बीच भी झड़पें दर्ज की गई हैं।






