नई दिल्ली : विश्व समुद्री विश्वविद्यालय (डब्ल्यूएमयू), मालमो (स्वीडन) में सीपी श्रीवास्तव पीठ – पोत परिवहन और बंदरगाह प्रबंधन की स्थापना के लिए आयोजित समझौता ज्ञापन हस्ताक्षर समारोह में केंद्रीय बंदरगाह, जहाजरानी और जलमार्ग मंत्री सर्वानंद सोनोवाल आभासी रूप से शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने भारत के समृद्ध समुद्री इतिहास और आधुनिक नौवहन क्षेत्र को नई दिशा देने में इस पीठ की भूमिका को रेखांकित किया।
केंद्रीय मंत्री सोनोवाल ने कहा कि यह पीठ भारत के सबसे महान समुद्री दिग्गजों में से एक, डॉ. चंद्रिका प्रसाद श्रीवास्तव को एक सच्ची और भावभीनी श्रद्धांजलि है। डॉ. सीपी श्रीवास्तव विश्व समुद्री विश्वविद्यालय के संस्थापक रहे हैं और उन्होंने अंतर्राष्ट्रीय समुद्री संगठन (आईएमओ) के महासचिव के रूप में सबसे लंबे समय तक अपनी सेवाएं दी थीं। वैश्विक नौवहन उद्योग और समुद्री सुरक्षा के क्षेत्र में उनका योगदान अतुलनीय रहा है।
उन्होंने आगे कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में भारत तेजी से वैश्विक समुद्री केंद्र बनने की ओर अग्रसर है। यह पहल वैश्विक ज्ञान, अत्याधुनिक शोध और अंतर्राष्ट्रीय विशेषज्ञता को भारतीय क्षमताओं में बदलने का काम करेगी। हरित नौवहन, समुद्री सुरक्षा और आधुनिक बंदरगाह प्रबंधन के क्षेत्र में उन्नत अनुसंधान को बढ़ावा देकर यह पीठ न केवल भारतीय समुद्री क्षेत्र को सशक्त बनाएगी, बल्कि देश के लिए स्थायी आर्थिक विकास, रोजगार और समग्र प्रगति का नया मार्ग भी प्रशस्त करेगी।






