स्वीडन, गोटेनबर्ग : आतंकवाद को पूरी मानवता के लिए एक गंभीर चुनौती बताते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वीडन के प्रधानमंत्री उल्फ क्रिस्टरसन के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने पहलगाम आतंकवादी हमले के दौरान स्वीडन द्वारा दिए गए समर्थन के लिए धन्यवाद देते हुए कहा कि दोनों देश आतंकवाद और उसके समर्थकों के खिलाफ अपनी लड़ाई जारी रखेंगे। गोटेनबर्ग में आयोजित मुख्य कार्यकारी अधिकारियों (सीईओ) की गोलमेज बैठक को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने मौजूदा वैश्विक तनाव के माहौल में भारत और स्वीडन जैसी लोकतांत्रिक ताकतों के बीच घनिष्ठ सहयोग के महत्व पर विशेष बल दिया।प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि आज के तनावपूर्ण वैश्विक परिदृश्य में भारत और स्वीडन जैसे लोकतंत्रों के बीच करीबी तालमेल बेहद मायने रखता है। उन्होंने स्वीडन के प्रधानमंत्री क्रिस्टरसन को धन्यवाद देते हुए कहा कि पिछले साल पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद जिस तरह से स्वीडन ने भारत का साथ दिया, वह सराहनीय है। दोनों देश इस बात पर पूरी तरह सहमत हैं कि आतंकवाद मानवता का सबसे बड़ा दुश्मन है और इसके तथा इसके मददगारों के खिलाफ साझा संघर्ष आगे भी जारी रहेगा।इसके साथ ही प्रधानमंत्री मोदी ने कार्यक्रम में मौजूद यूरोपीय आयोग की प्रमुख उर्सुला वॉन डेर लेयन का भी विशेष आभार जताया और इस साल जनवरी में हुई उनकी भारत यात्रा का जिक्र किया। भारत और यूरोपीय संघ (ईयू) के बीच मुक्त व्यापार समझौते की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि यह समझौता उद्योगों, निवेशकों और नए आविष्कारकों के लिए संभावनाओं के नए द्वार खोलेगा। प्रधानमंत्री ने इस समझौते को ‘सभी समझौतों की जड़’ बताते हुए कहा कि जनवरी में लिए गए ऐतिहासिक फैसलों के सकारात्मक परिणाम अब सामने आने लगे हैं। वोल्वो ग्रुप द्वारा आयोजित इस यूरोपीय सीईओ गोलमेज बैठक में पीएम मोदी के अलावा स्वीडन के प्रधानमंत्री उल्फ क्रिस्टरसन, यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयन और भारत व यूरोप के कई दिग्गज उद्योगपति और कंपनियों के प्रतिनिधि शामिल हुए।
एआईयूडीएफ करेगी विस में यूसीसी का विरोध
असम, गुवाहाटी : एआईयूडीएफ सुप्रीमो एवं विधायक बदरुद्दीन अजमल ने समान नागरिक संहिता (यूसीसी) के मुद्दे पर अपनी पार्टी के...
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