असम, गुवाहाटी : एआईयूडीएफ सुप्रीमो एवं विधायक बदरुद्दीन अजमल ने समान नागरिक संहिता (यूसीसी) के मुद्दे पर अपनी पार्टी के रुख को पूरी तरह से साफ कर दिया है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि उनकी पार्टी आगामी असम विधानसभा सत्र के दौरान सरकार द्वारा लाए जाने वाले इस प्रस्तावित कानून का पुरजोर विरोध करेगी। पार्टी का मानना है कि इस तरह का कानून देश और राज्य की विविधता और विभिन्न समुदायों के धार्मिक व सामाजिक अधिकारों के खिलाफ है। अजमल ने संकेत दिया कि सदन के भीतर उनकी पार्टी इस विधेयक को रोकने और अल्पसंख्यकों व अन्य समुदायों के हितों की रक्षा के लिए हर संभव लोकतांत्रिक कदम उठाएगी, क्योंकि वे इसे अपनी धार्मिक स्वतंत्रता और व्यक्तिगत कानूनों में हस्तक्षेप के रूप में देखते हैं। आज यहां पत्रकारों से बातचीत में अजमल ने कहा कि उन्होंने विधानसभा अध्यक्ष को पत्र लिखकर अपने विधायक पद के शपथ ग्रहण समारोह को लेकर कुछ ढील देने का अनुरोध किया है। अजमल का कहना है कि सत्र की नई तारीख उनकी हज यात्रा के समय से टकरा रही है। सत्र से पहले मीडिया से बातचीत करते हुए उन्होंने बताया कि पहला सत्र पहले 18 मई को होना तय हुआ था, लेकिन बाद में इसे बदलकर 21 मई कर दिया गया। इसी दिन उन्हें हज यात्रा के लिए रवाना होना है। अजमल ने इस संबंध में विधानसभा अध्यक्ष को पत्र लिखा है और मीडिया के माध्यम से भी स्थिति साफ कर दी है। उन्होंने उम्मीद जताई है कि उनका शपथ ग्रहण अब अध्यक्ष की सुविधा के अनुसार ही होगा।
एआईयूडीएफ करेगी विस में यूसीसी का विरोध
असम, गुवाहाटी : एआईयूडीएफ सुप्रीमो एवं विधायक बदरुद्दीन अजमल ने समान नागरिक संहिता (यूसीसी) के मुद्दे पर अपनी पार्टी के...
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