मिजोरम, आइजोल : आइजोल में छात्र संगठन मिजो ज़िरलाई पॉल (एमज़ेडपी) द्वारा बुलाई गई सर्वदलीय बैठक में मिजोरम के सभी प्रमुख राजनीतिक दल एक मंच पर नजर आए। राज्य के सत्तारूढ़ दल ज़ोरम पीपुल्स मूवमेंट (जेडपीएम) के साथ-साथ विपक्षी दल एमएनएफ, कांग्रेस, भाजपा और पीपुल्स कॉन्फ्रेंस ने एक संयुक्त प्रस्ताव पारित कर मतदाता सूची की सख्त जांच, फर्जी पंजीकरणों पर कार्रवाई और विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की समय सीमा बढ़ाने की मांग की है। इस बैठक में जेडपीएम के उपाध्यक्ष व विधायक लालमुआनपुइया पुंटे समेत कई वरिष्ठ नेताओं ने हिस्सा लिया।
सभी राजनीतिक दलों ने निर्वाचन आयोग के इस पुनरीक्षण अभियान को नागरिकों के अधिकारों की सुरक्षा के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण बताया और प्रक्रिया को निष्पक्ष एवं पारदर्शी बनाने में पूरा सहयोग देने का संकल्प लिया। दलों ने तय किया है कि वे अपात्र लोगों को मतदाता सूची में शामिल होने से रोकने के लिए एकजुट रहेंगे और अपने कार्यकर्ताओं को भी किसी अनधिकृत आवेदक की मदद न करने के निर्देश जारी करेंगे। फर्जी दस्तावेजों के इस्तेमाल की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए लोगों से ऐसे मामलों की तुरंत शिकायत करने की अपील की गई है, ताकि दोषियों पर कानूनी कार्रवाई हो सके। इसके अलावा, निर्वाचन पंजीकरण अधिकारियों से सुनवाई के दौरान पूरी सतर्कता बरतने की मांग की गई है।
राजनीतिक दलों ने क्षेत्र की कठिन भौगोलिक स्थितियों, मानसून, खराब सड़कों और कर्मचारियों की कमी की ओर ध्यान दिलाते हुए कहा कि इन वजहों से चुनाव अधिकारियों पर अत्यधिक दबाव है। इसी को देखते हुए उन्होंने निर्वाचन आयोग से 4 अगस्त की समय सीमा को आगे बढ़ाने का आग्रह किया है, ताकि मतदाता सूची का काम पूरी सटीकता के साथ पूरा हो सके। बैठक के बाद प्रतिनिधियों ने संयुक्त मुख्य निर्वाचन अधिकारी एथेल रोतलुआंगपुई से मुलाकात कर उन्हें अपना संयुक्त प्रस्ताव सौंपा। उल्लेखनीय है कि 4 जुलाई को जारी प्रारूप मतदाता सूची के अनुसार मिजोरम में कुल 8,28,906 मतदाता हैं, जिनमें 4,29,881 महिलाएं हैं। वहीं अधिकारियों के अनुसार कुल 46,163 फॉर्म जमा नहीं हो पाए थे, जिनमें मृत, स्थायी रूप से पलायन कर चुके, लापता या अन्य स्थानों पर नामांकित लोग शामिल हैं।






