नई दिल्ली : अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल और ईंधन की कीमतों में आई नरमी के बाद आम जनता को महंगाई के मोर्चे पर एक और बड़ी राहत मिली है। पेट्रोल और डीजल की कीमतों में राहत के बाद अब सरकारी तेल विपणन कंपनियों ने रसोई गैस (एलपीजी) के दामों में भी कटौती की घोषणा कर दी है।
ऑयल मार्केटिंग कंपनियों द्वारा जारी की गई नई दरों के अनुसार, एलपीजी सिलेंडरों की कीमतों में यह कटौती तत्काल प्रभाव से लागू हो गई है। लगातार बढ़ती महंगाई के बीच रसोई गैस के दामों में कमी आने से मध्यम वर्ग और कम आय वाले परिवारों के घरेलू बजट को बड़ा सहारा मिला है। व्यावसायिक उपयोग वाले कमर्शियल एलपीजी सिलेंडरों के दाम घटने से होटल, ढाबे, रेस्तरां और छोटे खाद्य कारोबारियों को भी परिचालन लागत में सीधी राहत मिलेगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक ऊर्जा बाजार में कच्चे तेल और प्राकृतिक गैस के अंतरराष्ट्रीय दामों में जारी गिरावट के कारण तेल कंपनियों के मार्जिन में सुधार हुआ है, जिसके चलते यह कटौती संभव हो पाई है। इससे पहले पेट्रोल और डीजल की दरों में की गई कटौती ने परिवहन और माल ढुलाई की लागत को नियंत्रित करने में मदद की थी, और अब एलपीजी के दाम घटने से दैनिक उपभोग्य वस्तुओं की कीमतों पर भी सकारात्मक असर पड़ने की उम्मीद जताई जा रही है।
बाजार विश्लेषकों का कहना है कि आगामी त्योहारों के सीजन से ठीक पहले ईंधन और रसोई गैस के दामों में यह गिरावट उपभोक्ताओं की क्रय शक्ति को बढ़ाएगी और बाजार में मांग को रफ्तार देगी। देश भर के प्रमुख महानगरों और विभिन्न राज्यों में स्थानीय करों एवं वैट की दरों के अनुसार नई कीमतें लागू कर दी गई हैं, जिससे देश के सभी हिस्सों में ग्राहकों को इस मूल्य कटौती का सीधा लाभ मिल रहा है।






