असम, गुवाहाटी : असम प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गौरव गोगोई ने भाजपा पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि उसने योजनाबद्ध तरीके से लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमजोर किया है और केवल सत्ता हथियाने के लिए दलबदल कराने की राजनीति की है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यालय में लगातार 12 साल पूरे होने पर पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए गोगोई ने कहा कि भाजपा ने लोकतंत्र को कमजोर कर के राजनीति को पार्टियां तोड़ने और विधायकों की खरीद-फरोख्त के खेल में बदल दिया है। उन्होंने असम का उदाहरण देते हुए कहा कि मुख्यमंत्री ने सूचना एवं जनसंपर्क विभाग को जानबूझकर अपने पास रखा है क्योंकि भाजपा मीडिया को नियंत्रित करना चाहती है। उन्होंने इस बात पर गहरी चिंता जताई कि ऐसी परिस्थितियों में मीडिया की आजादी आखिर कब तक बची रह पाएगी। कांग्रेस नेता ने भाजपा पर भ्रष्टाचार के आरोपियों को सजा देने के बजाय उन्हें पुरस्कृत करने का आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि गिर गाय घोटाला, मवेशी सिंडिकेट और असम विधानसभा में हुए भ्रष्टाचार से जुड़े लोगों को मंत्री पद देकर नवाजा गया है। गोगोई ने कहा कि आज देश और राज्य में आम नागरिकों की आर्थिक स्थिति लगातार खराब होती जा रही है और जनता में भारी नाराजगी है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी को खुद से तय किए गए मील के पत्थरों का जश्न मनाने के बजाय देश की जनता को यह बताना चाहिए कि आखिर लोग आज भी इतनी आर्थिक तंगहाली क्यों झेल रहे हैं। उनके मुताबिक भाजपा लोगों की वास्तविक समस्याओं का समाधान करने के बजाय केवल उनका ध्यान भटकाने और जनता के बीच भ्रम पैदा करने में जुटी है। मध्य प्रदेश में राज्यसभा चुनाव के दौरान कांग्रेस उम्मीदवार का नामांकन रद्द होने के मामले पर टिप्पणी करते हुए गोगोई ने आरोप लगाया कि भाजपा सत्ता की भूख में किसी भी हद तक जाने के लिए तैयार है। उन्होंने चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर भी सवाल खड़े किए और कहा कि ऐसा लगता है कि चुनाव आयोग भाजपा के गलत सूचनाओं पर आधारित दावों पर भी तुरंत कार्रवाई कर देता है, जबकि कांग्रेस द्वारा सबूतों के साथ की गई वास्तविक शिकायतों को लगातार नजरअंदाज कर दिया जाता है। उन्होंने असम के कार्बी आंगलोंग और ढेकियाजुली का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां उम्मीदवारों द्वारा आपराधिक मामलों और संपत्तियों की जानकारी छिपाने के पुख्ता दस्तावेजी सबूत देने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं की गई, जो सीधे तौर पर लोकतंत्र की नींव को चोट पहुंचाता है। उन्होंने नीट परीक्षा के प्रश्नपत्र लीक होने के विवाद को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि इतने बड़े घोटाले के बावजूद शिक्षा मंत्री ने कोई नैतिक जिम्मेदारी नहीं ली और न ही अपने पद से इस्तीफा दिया। गोगोई ने तंज कसते हुए कहा कि भाजपा श्रेय लेने के लिए हमेशा आगे रहती है, लेकिन जब जिम्मेदारी लेने की बात आती है तो पीछे हट जाती है। इसके साथ ही उन्होंने मुख्यमंत्री पर निशाना साधते हुए पूछा कि जो मुख्यमंत्री चुनावों के नतीजे और जीत के अंतर की सटीक भविष्यवाणी कर सकते हैं, वह आखिर यह क्यों नहीं बता पा रहे हैं कि असम के छह समुदायों को अनुसूचित जनजाति (एसटी) का दर्जा कब मिलेगा। असम कैबिनेट के हालिया विस्तार की आलोचना करते हुए गोगोई ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री और भाजपा ने जनता को यह संदेश दिया है कि जो लोग घोटालों और सिंडिकेट गतिविधियों में शामिल हैं, उन्हें बड़े मंत्रालय मिलने की संभावना ज्यादा होती है। उन्होंने कहा कि नई कैबिनेट से यह साफ संदेश गया है कि अब ईमानदारी और सत्यनिष्ठा की राजनीति में कोई कद्र नहीं रह गई है। तृणमूल कांग्रेस से जुड़े हालिया घटनाक्रमों पर बोलते हुए गोगोई ने कहा कि केंद्र और राज्य में सत्ता में होने के बावजूद भाजपा अन्य पार्टियों के नेताओं को अपने पाले में खींचने के लिए अलोकतांत्रिक हथकंडे अपना रही है। उन्होंने संकल्प जताया कि कांग्रेस आने वाले दिनों में और अधिक मजबूती के साथ इस तरह के कदमों का विरोध करेगी।
गौरव गोगोई ने लगाया हिमंत सरकार पर मीडिया को नियंत्रित करने का आरोप
असम, गुवाहाटी : असम प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गौरव गोगोई ने भाजपा पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि उसने...
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