नई दिल्ली : कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय के संज्ञान में यह बात आई है कि कुछ मीडिया रिपोर्टों में दावा किया जा रहा है कि नेपाल ने भारत से आम के आयात पर प्रतिबंध या निलंबन लगा दिया है। सरकार ने इन खबरों को पूरी तरह से तथ्यात्मक रूप से गलत और भ्रामक करार दिया है। नेपाल सरकार ने अपने पादप संगरोध और कीटनाशक प्रबंधन केंद्र (नेपाल के राष्ट्रीय पादप संरक्षण संगठन) के माध्यम से यह स्पष्ट किया है कि भारतीय आमों के आयात पर ऐसा कोई प्रतिबंध नहीं लगाया गया है। निर्धारित पादप स्वच्छता आवश्यकताओं को पूरा करने के आधार पर भारतीय आमों का आयात पहले की तरह ही जारी है। इन सभी जरूरी शर्तों के अनुपालन और भारत सरकार द्वारा जारी वैध पादप स्वच्छता प्रमाणपत्र जमा करने पर आयात परमिट और रिलीज ऑर्डर नियमित रूप से जारी किए जा रहे हैं।नेपाल को भारतीय आमों का निर्यात बिना किसी रुकावट के लगातार जारी है। आंकड़ों के अनुसार जनवरी 2026 से अब तक कुल 149 खेप के तहत 2005 मीट्रिक टन आम नेपाल भेजे जा चुके हैं। अकेले जून 2026 के महीने में ही अब तक 266 मीट्रिक टन आम की 18 खेप का निर्यात किया जा चुका है। हालांकि नेपाल ने हाल ही में आयात की कुछ शर्तों में संशोधन किया है, जिसमें गर्म पानी के उपचार की अनिवार्यता भी शामिल है, लेकिन भारत इन निर्धारित शर्तों का पालन करते हुए निर्यात की प्रक्रिया को लगातार सुगम बना रहा है।इसके साथ ही भारत ने बिना किसी पूर्व परामर्श के नए पादप स्वच्छता उपाय लागू किए जाने पर अपनी चिंताएं भी व्यक्त की हैं। भारत इस मामले को विश्व व्यापार संगठन के एसपीएस समझौते और अंतर्राष्ट्रीय पादप संरक्षण सम्मेलन के ढांचे के तहत उचित द्विपक्षीय चैनलों के माध्यम से उठा रहा है। मंत्रालय ने सभी हितधारकों, व्यापारियों और आम जनता को सलाह दी है कि वे आयात और निर्यात नियमों से संबंधित किसी भी जानकारी के लिए केवल आधिकारिक बयानों पर ही भरोसा करें और भारतीय आम निर्यात पर कथित व्यापार प्रतिबंधों के बारे में चल रही अपुष्ट खबरों की अनदेखी करें।
गौरव गोगोई ने लगाया हिमंत सरकार पर मीडिया को नियंत्रित करने का आरोप
असम, गुवाहाटी : असम प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गौरव गोगोई ने भाजपा पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि उसने...
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