अमेरिका, वॉशिंगटन : कोस्टा रिका में प्रवासियों का दूसरा दल पहुंचा। अमेरिका ने इन लोगों को अपने देश से निकाल दिया है। इस दल में एक भारतीय नागरिक भी शामिल है। यह कदम अमेरिका की उस नीति का हिस्सा है, जिसके तहत वह प्रवासियों को तीसरे देशों’ में भेज रहा है। कोस्टा रिका के राष्ट्रपति रोड्रिगो चावेस और अमेरिकी विशेष दूत क्रिस्टी नोएम ने मार्च में एक द्विपक्षीय समझौता किया था। इस समझौते के तहत कोस्टा रिका हर हफ्ते अमेरिका से निकाले गए 25 विदेशी नागरिकों को अपने यहां जगह देने के लिए तैयार हुआ है। 30 लोगों के दल में अलग-अलग देशों के नागरिक हैं। इसमें 8 कोस्टा रिका के, 8 ब्राजील के, 3 रोमानिया के, 2 चीन के, 3 उज्बेकिस्तान के और 2 अजरबैजान के नागरिक हैं। इनके अलावा आयरलैंड, भारत, वियतनाम और बेलारूस का 1-1 नागरिक भी शामिल है। कोस्टा रिका की प्रवासन पुलिस और अंतर्राष्ट्रीय प्रवासन संगठन इन लोगों की मदद कर रहे हैं। इससे पहले 25 लोगों का पहला दल सैन जोस के हवाई अड्डे पर पहुंचा था। उस दल में अल्बानिया, केन्या, मोरक्को, चीन, भारत और कैमरून के लोग थे। साथ ही ग्वाटेमाला के 8 और होंडुरास के 4 नागरिक भी उसमें शामिल थे। इन प्रवासियों के पास अब दो मुख्य विकल्प हैं। वे चाहें तो अपने देश वापस जाने के लिए ‘सहायता प्राप्त स्वैच्छिक वापसी कार्यक्रम’ का हिस्सा बन सकते हैं। दूसरा विकल्प यह है कि वे कोस्टा रिका में कानूनी तौर पर रहने या मानवीय आधार पर शरण लेने के लिए आवेदन कर सकते हैं।
प्रवासियों का दूसरा दल पहुंचा कोस्टा रिका
अमेरिका, वॉशिंगटन : कोस्टा रिका में प्रवासियों का दूसरा दल पहुंचा। अमेरिका ने इन लोगों को अपने देश से निकाल...
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