उत्तर प्रदेश, वाराणसी : कारोबार के नाम पर 10 थोक दवा कारोबारियों से 55.82 लाख रुपये की ठगी हुई। कारोबारियों ने प्रथम फार्मा और उसके संचालकों पर शुक्रवार को कोतवाली थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई। मैदागिन के पीड़ितों में सौरभ अग्रवाल, विष्णु कुमार गुप्ता, देवानंद कुकरेजा, प्रदीप कुमार जायसवाल, महेश कुमार बरनवाल, मोहन लाल गुप्ता, नंद लाल गुप्ता, पुरुषोत्तम कुमार मारू, सिद्धार्थ साढा, गोवर्धन इसरानी ने पुलिस को बताया कि लोहटिया बड़ागणेश की प्रथम फार्मा की प्रोपराइटर मोना मद्देशिया, पति मनीष उर्फ सोनू, पुत्र प्रथम संयुक्त रूप से फर्म के सभी व्यापार, लेन-देन, ऑर्डर प्लेसमेंट, बिलिंग, माल और भुगतान संबंधी कार्यों का संचालन करते हैं। आपराधिक षड्यंत्र के तहत एक साल पहले आरोपियों ने अलग-अलग व्यापारिक संबंध स्थापित किए और नये क्रेडिट पर दवाइयों की आपूर्ति ली। सितंबर 2025 से आरोपियों ने भुगतान बंद कर दिया। जबकि दवाओं को बाजार में बेचा। भुगतान के दबाव पर मनीष उर्फ सोनू ने मोना के नाम से एक चेक दिया, जिस पर जाली हस्ताक्षर पाए गए। चेक बैंक में लगाने पर बाउंस हो गया। 24 जनवरी 2026 को आरोपियों ने समझौता किया कि एक फरवरी तक सभी का भुगतान कर देंगे, लेकिन अभी तक किसी का कोई भुगतान नहीं किया। एसीपी कोतवाली विजय प्रताप सिंह ने बताया कि प्राथमिकी दर्ज की गई है। दवा लेकर 29 लाख का भुगतान नहीं करने और बाउंस चेक देने के मामले में लोहटिया के बड़ागणेश निवासी प्रथम फार्मा के प्रोपराइटर मोना, पति मनीष और बेटे प्रथम पर कोतवाली में प्राथमिकी दर्ज की गई। मैदागिन सप्तसागर दवा मंडी की पीड़ित सोनल सेठ ने पुलिस को बताया कि दवा का कारोबार करती हैं, जिसका संचालन पति रिंकू सेठ व ससुर राजू करते है। पूरा व्यापार बैंक लोन पर है। तीनों आरोपियों ने दवा लेकर 25 लाख 25 हजार का भुगतान नहीं किया। बकाया भुगतान के रूप में चेक दिए तो कि बाउंस हो गया। पैसे मांगने पर आरोपी जान से मारने की धमकी देते हैं।
प्रवासियों का दूसरा दल पहुंचा कोस्टा रिका
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