बारिश ने जमकर मचाई तबाही

आंधी ने उखाड़े सैकड़ों पेड़ और बिजली के खंभे, जनजीवन प्रभावित

उत्तर प्रदेश, अलीगढ़ : उत्तर प्रदेश में रात आई आंधी और बारिश ने जमकर तबाही मचाई है, जिससे कई जगहों पर खंभे और पेड़ गिरने से बिजली आपूर्ति ठप हो गई और कई वाहन क्षतिग्रस्त हो गए। इस प्राकृतिक आपदा के कारण प्रदेश में सात लोगों की मौत हो गई, जिनमें कौशाम्बी में दो, जबकि झांसी, बरेली, अलीगढ़, देवरिया और मेरठ में एक-एक व्यक्ति शामिल हैं। बरेली में आंधी के दौरान करीब दो सौ खंभे गिरने से बिजली व्यवस्था पूरी तरह बेपटरी हो गई और जिले में ब्लैकआउट जैसे हालात बन गए। यहां मलबे और पेड़ों की चपेट में आने से एक व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि एक दरोगा सहित नौ लोग घायल हो गए।​अलीगढ़ में चीनी मिल के पास स्थित जेके सीमेंट फैक्टरी की चेक पोस्ट गिरने से वहां ड्यूटी पर तैनात गार्ड इंद्रजीत की दबकर मौत हो गई, जबकि मुजफ्फरनगर में भी तेज आंधी के कारण दीवार गिरने से एक मजदूर को अपनी जान गंवानी पड़ी। मेरठ में करीब 70 पेड़ और सौ बिजली के खंभे उखड़ने से बिजली संकट खड़ा हो गया। इसके उलट सहारनपुर, शामली, बिजनौर और बागपत में हल्की बारिश होने से तापमान में गिरावट दर्ज की गई है जिससे लोगों को गर्मी से राहत मिली। बुलंदशहर के अहमदगढ़ क्षेत्र में एक घर की छत पर टावर गिर गया, जबकि जिले में 300 से अधिक पेड़ और कई होर्डिंग्स जमींदोज हो गए। गोरखपुर में रात से शुरू हुई झमाझम बारिश सुबह तक जारी रही, जिससे छह घंटे की अनवरत बारिश के बाद तापमान में काफी गिरावट आई।​मथुरा में रात करीब 100 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से आए भीषण तूफान ने भारी तबाही मचाई, जिससे दर्जनों पेड़, होर्डिंग और खंभे गिर गए और सैकड़ों गांवों की बत्ती गुल हो गई। पूर्वांचल के जिलों बलिया, जौनपुर और चंदौली में भी बड़े पैमाने पर बिजली के खंभे और पेड़ गिरने की खबरें हैं। मऊ के मधुबन क्षेत्र स्थित बिंदटोलिया गांव में बारिश के दौरान आकाशीय बिजली गिरने से संजय साहनी नामक व्यक्ति गंभीर रूप से झुलस गए, वहीं जिले के 100 से अधिक गांवों में बिजली आपूर्ति ठप हो गई। देवरिया के जोगिया गांव में भी सुबह खेत की तरफ जा रही अनारी देवी की आकाशीय बिजली की चपेट में आने से दर्दनाक मौत हो गई।

Exit mobile version