नई दिल्ली : केंद्रीय बंदरगाह, जहाजरानी और जलमार्ग मंत्री सर्वानंद सोनोवाल ने आज कहा कि केंद्र सरकार खाड़ी क्षेत्र और उसके आसपास के समुद्री इलाकों में बदलती सुरक्षा स्थिति के बीच भारतीय नाविकों और समुद्री हितों की रक्षा के लिए पूरी तरह सतर्क है। मंत्रालय तथा नौवहन महानिदेशालय इस क्षेत्र के घटनाक्रमों पर कड़ी नजर रख रहे हैं और विदेश मंत्रालय, भारतीय नौसेना व अंतर्राष्ट्रीय एजेंसियों के साथ मिलकर काम कर रहे हैं। बढ़ते जोखिमों को देखते हुए नौवहन महानिदेशालय ने संघर्ष प्रभावित जलक्षेत्र से गुजरने वाले जहाजों के भारतीय नाविकों और ऑपरेटरों को अत्यधिक सावधानी बरतने व सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन करने की सलाह दी है। किसी भी आपात स्थिति के लिए चौबीसों घंटे काम करने वाले समर्पित संचार चैनल और आपातकालीन प्रतिक्रिया तंत्र सक्रिय कर दिए गए हैं। इसी बीच 10 जून को ओमान के पास पलाऊ-ध्वज वाले टैंकर एमटी सेटेबेलो पर हुए मिसाइल हमले में चालक दल के 24 भारतीय सदस्यों में से तीन नाविकों की दुखद मृत्यु हो गई। सरकार ने सक्रिय समन्वय के जरिए लापता नाविकों के पार्थिव शरीरों को खोजकर उनकी पहचान कर ली है और बाकी सभी सदस्यों को सुरक्षित बचा लिया है। सोनोवाल ने इस घटना पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए कहा है कि सरकार बचाए गए नाविकों की सुरक्षित वापसी और मृतकों के पार्थिव शरीरों को जल्द से जल्द उनके परिवारों तक पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है। सरकार ने शोक संतप्त परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की है और सीफेयरर्स वेलफेयर फंड सोसाइटी के माध्यम से प्रत्येक मृतक के परिवार को 10-10 लाख रुपये की वित्तीय सहायता जारी की जा रही है। सरकार प्रभावित परिवारों के लगातार संपर्क में है और किसी भी आपातकालीन सहायता के लिए टोल-फ्री नंबरों, व्हाट्सएप तथा ईमेल ([email protected] / enavik.24×[email protected]) जैसे सहायता चैनल उपलब्ध कराए गए हैं। मालूम हो भारत ने अमेरिकी दूतावास के प्रभारी अधिकारी को तलब किया था और ओमान के तट के पास भारतीय चालक दल के सदस्यों वाले एक वाणिज्यिक पोत पर अमेरिकी हमले को लेकर कड़ा विरोध दर्ज कराया था। वाणिज्यिक पोत सेटेबेलो पर यह हमला तब हुआ, जब इसके दो दिन पहले ही पलाऊ के झंडे वाले एक जहाज पर अमेरिकी नौसेना ने हमला किया था, जिसमें 24 भारतीय सवार थे। यह जहाज ईरानी बंदरगाहों की अमेरिकी नाकेबंदी से बचने की कोशिश कर रहा था। अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने हमले की बात स्वीकार करते हुए कहा कि यह जहाज ईरान से तेल ले जाने की कोशिश कर रहा था और इस तरह ईरानी बंदरगाहों पर लागू अमेरिकी नाकेबंदी का उल्लंघन कर रहा था।
खाड़ी क्षेत्र में बढ़ते जोखिमों के बीच भारतीय नाविकों की सुरक्षा सर्वोपरि : सोनोवाल
नई दिल्ली : केंद्रीय बंदरगाह, जहाजरानी और जलमार्ग मंत्री सर्वानंद सोनोवाल ने आज कहा कि केंद्र सरकार खाड़ी क्षेत्र और...
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