तमिलनाडु, चेन्नई : तमिलनाडु की प्रमुख विपक्षी पार्टी अखिल भारतीय अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (अन्नाद्रमुक) के भीतर मची आंतरिक कलह और गुटीय खींचतान के बीच राजनीतिक सरगर्मियां एक बार फिर चरम पर पहुंच गई हैं। पार्टी के भीतर नेतृत्व और वर्चस्व को लेकर लंबे समय से जारी विवाद के बीच आज अन्नाद्रमुक के महासचिव एडप्पादी के. पलानीस्वामी ने एक बेहद महत्वपूर्ण कदम उठाया। उन्होंने आगामी राजनीतिक चुनौतियों और पार्टी के भविष्य की रूपरेखा तय करने के लिए अपने आधिकारिक आवास पर नए नियुक्त किए गए जिला सचिवों के साथ एक उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता की। इस बैठक को पार्टी के भीतर पलानीस्वामी के नेतृत्व को और अधिक मजबूत करने और विरोधी धड़ों को कड़ा संदेश देने के प्रयास के रूप में देखा जा रहा है।इस महत्वपूर्ण बैठक के दौरान मुख्य रूप से पार्टी के संगठन को जमीनी स्तर पर पुनर्गठित करने, नए पदाधिकारियों की भूमिका तय करने और आगामी चुनावों के मद्देनजर राज्यव्यापी रणनीति बनाने पर गहन मंथन हुआ। पलानीस्वामी ने नए जिला सचिवों को संबोधित करते हुए उन्हें पार्टी कार्यकर्ताओं को एकजुट करने और जनता के बीच अन्नाद्रमुक की पकड़ को मजबूत करने के कड़े निर्देश दिए। इसके साथ ही बैठक में इस बात पर भी विशेष चर्चा हुई कि पार्टी के भीतर जारी आंतरिक मतभेदों और विपक्षी धड़ों द्वारा पैदा की जा रही चुनौतियों से संगठित रूप से कैसे निपटा जाए, ताकि संगठन की एकजुटता पर कोई आंच न आए।राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि अन्नाद्रमुक में विभिन्न धड़ों के बीच जारी इस तनातनी के दौर में पलानीस्वामी द्वारा बुलाई गई यह बैठक बेहद मायने रखती है। एक तरफ जहां विरोधी गुट पार्टी पर अपना दावा ठोकने की कोशिशों में जुटे हैं, वहीं पलानीस्वामी नए जिला सचिवों के साथ सीधे संवाद के जरिए यह साफ कर देना चाहते हैं कि संगठन की कमान पूरी तरह से उनके हाथों में है। इस बैठक के बाद यह स्पष्ट हो गया है कि अन्नाद्रमुक आने वाले दिनों में राज्य सरकार के खिलाफ अपने राजनीतिक अभियानों को और तेज करेगी और आंतरिक कलह के बावजूद जमीनी स्तर पर अपनी ताकत दिखाने के लिए पूरी तरह से तैयार है।
उपमुख्यमंत्री ने एसआईआर पर उठाए सवाल
कर्नाटक, बंगलूरू : कर्नाटक की राजनीति में एक बार फिर मतदाता सूची को लेकर बयानबाजी तेज हो गई है। राज्य...
Read more





