अमेरिका, वाशिंगटन : डोनाल्ड ट्रंप द्वारा इजराइल को युद्धविराम की सलाह देना वैश्विक राजनीति में एक बड़ा और महत्वपूर्ण मोड़ माना जा सकता है। आमतौर पर इजराइल के सबसे मजबूत समर्थकों में गिने जाने वाले ट्रंप का यह रुख इस बात को दर्शाता है कि अंतर्राष्ट्रीय दबाव और युद्ध के लंबे खिंचने से पैदा हुए हालात अब बदल रहे हैं। उन्होंने अपनी प्रतिक्रियाओं में साफ तौर पर यह चिंता जताई है कि इस युद्ध के कारण दुनिया भर में इजराइल की छवि और उसके प्रति जनसमर्थन को भारी नुकसान पहुंच रहा है।ट्रंप का मुख्य तर्क यह रहा है कि इजराइल को इस संघर्ष को जल्द से जल्द खत्म करके शांति की ओर बढ़ना चाहिए। उनका मानना है कि युद्ध का लंबा खिंचना और गाजा से लगातार आने वाली तबाही की तस्वीरें इजराइल के खिलाफ वैश्विक माहौल बना रही हैं। एक कुशल कारोबारी और राजनेता के नजरिए से वे इसे जनसंपर्क के मोर्चे पर एक बड़ी हार के रूप में देखते हैं। उनका कहना है कि इजराइल को अपनी सैन्य कार्रवाई को तार्किक अंजाम तक पहुंचाकर तुरंत युद्धविराम करना चाहिए ताकि स्थिति को और बिगड़ने से रोका जा सके।इस सलाह के पीछे सिर्फ वैश्विक छवि का हवाला नहीं है, बल्कि इसके गहरे राजनीतिक मायने भी हैं। अमेरिका के भीतर भी इस युद्ध को लेकर आम जनता और खासकर युवा मतदाताओं में काफी नाराजगी देखी गई है। ट्रंप बखूबी जानते हैं कि अमेरिकी जनता अब एक और अंतहीन विदेशी युद्ध में अपने देश को परोक्ष रूप से उलझा हुआ नहीं देखना चाहती। अपनी ‘अमेरिका फर्स्ट’ नीति के तहत वे हमेशा से अमेरिकी संसाधनों को घरेलू स्तर पर मजबूत करने के पक्षधर रहे हैं, इसलिए वे इजराइल-हमास संघर्ष का जल्द अंत देखना चाहते हैं।इसके अलावा ट्रंप का यह बयान उनके कार्यकाल के दौरान हुए अब्राहम अकॉर्ड्स की विरासत को बचाने की कोशिश भी हो सकता है। उनके राष्ट्रपति रहते हुए इजराइल और कई अरब देशों के बीच ऐतिहासिक शांति समझौते हुए थे। इस मौजूदा युद्ध ने उन समझौतों और मध्य पूर्व में शांति की संभावनाओं को गहरे संकट में डाल दिया है। ट्रंप को लगता है कि अगर यह युद्ध लंबे समय तक चलता रहा, तो अरब देशों के साथ इजराइल के संबंध हमेशा के लिए बिगड़ सकते हैं, जिससे क्षेत्र में स्थिरता बहाल करना असंभव हो जाएगा।ट्रंप की इजराइल को यह सलाह किसी वैचारिक बदलाव के कारण नहीं, बल्कि व्यावहारिक राजनीति और रणनीतिक सूझबूझ का हिस्सा है। वे चाहते हैं कि इजराइल अपनी सैन्य ताकत का प्रदर्शन बंद करे, अपनी जीत की घोषणा करे और बातचीत की मेज पर आए। उनका यह रुख साफ करता है कि भविष्य में अमेरिकी नेतृत्व, चाहे वह किसी भी दल का हो, इजराइल को असीमित समय के लिए युद्ध जारी रखने की खुली छूट देने के पक्ष में नहीं होगा।
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