नई दिल्ली : भारतीय शेयर बाजार के लिए एक बेहद सकारात्मक और राहत भरी खबर सामने आई है, जहां एक लंबे इंतजार के बाद विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPIs) ने अब तक की सबसे बड़ी खरीदारी की है। पिछले काफी समय से वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं, अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में बढ़ोतरी की आशंकाओं और भू-राजनीतिक तनाव के चलते विदेशी निवेशक लगातार भारतीय बाजार से अपना पैसा निकाल रहे थे। इस बिकवाली के कारण बाजार में लगातार दबाव और उतार-चढ़ाव का माहौल बना हुआ था, लेकिन अब विदेशी निवेशकों की इस रिकॉर्डतोड़ वापसी ने घरेलू शेयर बाजार में एक नई जान फूंक दी है और निवेशकों के भरोसे को दोगुना कर दिया है। विदेशी निवेशकों द्वारा किए गए इस भारी निवेश के पीछे कई महत्वपूर्ण घरेलू और वैश्विक कारक काम कर रहे हैं। वैश्विक स्तर पर जहां विकसित देशों की अर्थव्यवस्थाएं सुस्ती और महंगाई की मार झेल रही हैं, वहीं दूसरी ओर भारत की आर्थिक विकास दर यानी जीडीपी ग्रोथ के आंकड़े लगातार मजबूत और उत्साहजनक बने हुए हैं। इसके साथ ही, देश में राजनीतिक स्थिरता, औद्योगिक उत्पादन में मजबूती और कंपनियों के शानदार तिमाही नतीजों ने विदेशी संस्थागत निवेशकों को यह भरोसा दिलाया है कि भारत इस समय दुनिया के सबसे सुरक्षित और तेजी से बढ़ने वाले निवेश गंतव्यों में से एक है। यही वजह है कि उन्होंने अपनी रणनीति बदलते हुए भारतीय इक्विटी बाजार में आक्रामक तरीके से पूंजी लगानी शुरू कर दी है। इस बंपर खरीदारी का सीधा और सकारात्मक असर भारतीय शेयर बाजार के प्रमुख सूचकांकों, सेंसेक्स और निफ्टी पर देखने को मिला है, जो लगातार नए रिकॉर्ड स्तरों को छू रहे हैं। बैंकिंग, आईटी, ऑटोमोबाइल और बुनियादी ढांचा (इंफ्रास्ट्रक्चर) जैसे प्रमुख क्षेत्रों में विदेशी पैसे के आने से बाजार को चौतरफा मजबूती मिली है। बाजार विश्लेषकों का मानना है कि विदेशी निवेशकों का यह कदम घरेलू खुदरा निवेशकों के लिए भी एक बड़ा बूस्टर डोज साबित होगा, जो स्थानीय स्तर पर बाजार को और गति देगा। लंबे समय बाद हुई इस रिकॉर्ड खरीदारी का दूरगामी महत्व यह है कि इसने वैश्विक मंच पर भारतीय अर्थव्यवस्था की मजबूती को एक बार फिर साबित कर दिया है। विदेशी पूंजी का यह भारी प्रवाह न केवल भारतीय रुपये को डॉलर के मुकाबले मजबूती प्रदान करेगा, बल्कि इससे देश के विदेशी मुद्रा भंडार में भी उल्लेखनीय सुधार होगा। कुल मिलाकर, विदेशी निवेशकों की यह रिकॉर्ड-तोड़ वापसी इस बात का साफ संकेत है कि आने वाले समय में भी भारतीय शेयर बाजार में तेजी का यह सिलसिला जारी रह सकता है और यह वैश्विक निवेशकों के लिए आकर्षण का मुख्य केंद्र बना रहेगा।
भारतीय शेयर बाजार में विदेशी निवेशकों की रिकॉर्ड-तोड़ वापसी
नई दिल्ली : भारतीय शेयर बाजार के लिए एक बेहद सकारात्मक और राहत भरी खबर सामने आई है, जहां एक...
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