नई दिल्ली : उच्चतम न्यायालय ने आज असम की अंतिम राष्ट्रीय नागरिक पंजी (एनआरसी) से बाहर छूटे लोगों के लिए अपील प्रक्रिया शुरू करने की मांग वाली याचिका पर केंद्र, असम सरकार और अन्य अधिकारियों को नोटिस जारी किया है। प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जयमाल्या बागची और न्यायमूर्ति विपुल एम. पंचोली की पीठ असम राज्य जमीयत उलेमा द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई कर रही थी। सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता के वकील ने दलील दी कि यद्यपि कानून में एनआरसी से बाहर रखे गए लोगों के लिए अपील की व्यवस्था है, लेकिन अब तक यह प्रक्रिया शुरू नहीं की गई है। इस देरी के कारण बाहर छूटे लोग लगातार कठिनाइयों का सामना कर रहे हैं। अदालत को यह भी अवगत कराया गया कि इसी तरह के मुद्दे पर एक अन्य याचिका पहले से ही लंबित है। इन दलीलों को ध्यान में रखते हुए पीठ ने केंद्र, असम सरकार और राज्य एनआरसी समन्वयक कार्यालय को नोटिस जारी किए और इस याचिका को पहले से लंबित मामले के साथ जोड़ दिया। इसके अलावा याचिका में अंतिम एनआरसी में शामिल किए गए सभी व्यक्तियों को नागरिकता अधिनियम 1955 की धारा 14 (ए) के तहत राष्ट्रीय पहचान पत्र जारी करने के निर्देश देने का भी अनुरोध किया गया है। गौरतलब है कि असम में वास्तविक भारतीय नागरिकों की पहचान के लिए उच्चतम न्यायालय की निगरानी में चलाई गई प्रक्रिया के बाद 31 अगस्त 2019 को अंतिम एनआरसी प्रकाशित की गई थी। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, कुल 3.30 करोड़ आवेदकों में से 3.11 करोड़ लोगों को इसमें शामिल किया गया था, जबकि 19.06 लाख आवेदक इससे बाहर रह गए थे। अब संबंधित पक्षों द्वारा जवाब दाखिल किए जाने के बाद न्यायालय इस मामले पर अगली सुनवाई करेगा।
सिक्किम सुरंग हादसा: 22 लोगों के शव बरामद, बाकी पीड़ितों की तलाश में राहत कार्य जारी
सिक्किम, गंगटोक : सिक्किम के एनएचपीसी तीस्ता स्टेज VI जलविद्युत परियोजना की सुरंग में चलाए जा रहे बचाव अभियान के...
Read more






