मेघालय, शिलांग : मेघालय में ग्रामीण जलापूर्ति के क्षेत्र में ऐतिहासिक बदलाव देखने को मिला है, जहाँ वर्ष 2019 में महज 4,550 यानी 0.70 प्रतिशत परिवारों तक सीमित नल का पानी अब राज्य के 84.06 प्रतिशत ग्रामीण घरों तक पहुँच चुका है। राज्य के लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री मारकुइस एन मराक ने 21 जुलाई को राज्य स्तरीय ‘जल उत्सव 2026’ का शुभारंभ करते हुए इस उपलब्धि की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि अब तक 5,47,077 ग्रामीण परिवारों को नल से स्वच्छ पेयजल मुहैया कराया जा चुका है और राज्य के 3,616 गाँव पूरी तरह से ‘हर घर जल’ घोषित हो चुके हैं। मंत्री ने इस परिवर्तन का श्रेय विभागीय इंजीनियरों, जमीनी कर्मचारियों, जिला प्रशासन और ग्राम जल एवं स्वच्छता समितियों को दिया।जल संरक्षण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से ‘जल उत्सव’ को एक जन-आंदोलन बताते हुए मंत्री ने कहा कि ‘जल जीवन मिशन 2.0’ का कार्यकाल दिसंबर 2028 तक बढ़ाए जाने से अब सरकार का मुख्य ध्यान केवल ढाँचागत विस्तार पर ही नहीं, बल्कि जल स्रोतों की निरंतरता, शुद्धता और ग्रामीणों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने पर रहेगा। इस अवसर पर विभाग के आयुक्त एवं सचिव प्रवीण बख्शी ने वर्ष 2027 की शुरुआत तक चलने वाले वार्षिक अभियानों का कैलेंडर भी जारी किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस वर्ष भर चलने वाले कार्यक्रम के तहत जल गुणवत्ता परीक्षण, नदियों की सफाई, मैराथन दौड़ और ग्राम सभाओं के माध्यम से जन-जागरूकता फैलाकर ग्रामीण जलापूर्ति व्यवस्था को लंबे समय तक टिकाऊ और सुदृढ़ बनाया जाएगा।
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