असम, गुवाहाटी: असम सरकार ने राज्य विधानसभा को अवगत कराया है कि गृह और राजनीतिक विभाग के आंकड़ों के अनुसार इस वर्ष 31 मई तक राज्य में कुल 1,72,673 अवैध विदेशियों की पहचान की जा चुकी है। विधायक अखिल गोगोई द्वारा पूछे गए एक सवाल के लिखित उत्तर में सरकार ने बताया कि पहचाने गए विदेशियों में 61,189 हिंदू, 1,11,414 मुस्लिम तथा 70 लोग ईसाई व अन्य समुदायों से ताल्लुक रखते हैं। यह डेटा राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (एनआरसी) के राज्य समन्वयक कार्यालय और भारत के रजिस्ट्रार जनरल द्वारा तैयार रिकॉर्ड पर आधारित है। सरकार के अनुसार, 31 मई तक पहचाने गए कुल 1,98,888 अवैध विदेशियों में से 1,72,673 नाम चुनाव विभाग को भेजे गए हैं ताकि नियमानुसार कानूनी प्रक्रिया का पालन करते हुए उन्हें मतदाता सूची से विलोपित किया जा सके।सदन में दी गई जानकारी के मुताबिक, अब तक कुल 9,678 घोषित विदेशियों को बांग्लादेश वापस भेजा जा चुका है। विदेशियों के निर्वासन की यह कार्रवाई केंद्रीय गृह मंत्रालय के दिशा-निर्देशों और आप्रवासी (असम से निष्कासन) अधिनियम, 1950 के तहत अमल में लाई जा रही है। आधिकारिक रिकॉर्ड के अनुसार, वर्ष 2025 से अब तक 1,572 अवैध विदेशियों को बांग्लादेश वापस भेजा गया है, जबकि कानून के प्रावधानों के अंतर्गत 117 विदेशियों को बेदखल किया गया है। इसके अतिरिक्त, सीमाई इलाकों में घुसपैठ रोकने के लिए बांग्लादेश से सटी 263 किलोमीटर से अधिक लंबी अंतरराष्ट्रीय सीमा पर बाड़ लगाने का काम तेज कर दिया गया है। वहीं नदी तटीय और दुर्गम इलाकों की सख्त निगरानी के लिए सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) द्वारा ड्रोन, थर्मल इमेजर और अत्याधुनिक उपकरणों की तैनाती की गई है। इसके साथ ही असम समझौते की धारा 6 को लागू करने के संबंध में गठित उच्च स्तरीय समिति की सिफारिशें फिलहाल केंद्र सरकार के विचाराधीन हैं।
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