असम, लाहरीघाट : असम में लगभग 48.2 प्रतिशत वयस्क लोग तंबाकू उत्पादों का सेवन करते हैं, जो एक गंभीर सार्वजनिक स्वास्थ्य समस्या है। तंबाकू के सेवन का स्वास्थ्य और पर्यावरण पर बहुत बुरा असर पड़ता है। यह बात जिला तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम की नोडल अधिकारी डॉ. जया प्रभा बोडो ने कही। विश्व तंबाकू निषेध दिवस के अवसर पर मोरीगांव में जिला तंबाकू नियंत्रण प्रकोष्ठ की पहल पर एक जागरूकता रैली निकाली गई। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य तंबाकू के सेवन के हानिकारक प्रभावों के बारे में लोगों के बीच जागरूकता बढ़ाना और एक तंबाकू मुक्त समाज का निर्माण करना था। इस दौरान अपने संबोधन में बोडो ने तंबाकू के सेवन से स्वास्थ्य और पर्यावरण पर पड़ने वाले दुष्प्रभावों के बारे में एक विस्तृत ऑडियो-विजुअल प्रस्तुति दी। उन्होंने बताया कि तंबाकू का सेवन दुनिया भर में गैर-संक्रामक रोगों के मुख्य कारणों में से एक है और तंबाकू से होने वाली विभिन्न बीमारियों के कारण हर साल लगभग 80 लाख लोगों की मौत हो जाती है। उन्होंने आगे कहा कि असम में लगभग 48.2 प्रतिशत वयस्क लोग किसी न किसी रूप में तंबाकू उत्पादों का सेवन करते हैं, जो बेहद चिंताजनक है। डॉ. बोडो ने वहां मौजूद सभी लोगों से तंबाकू उत्पादों को छोड़ने की अपील की और साथ ही अपने परिवार व समाज में तंबाकू विरोधी जागरूकता बढ़ाने का आग्रह किया।
असम में 48.2 प्रतिशत वयस्क करते हैं तंबाकू उत्पादों का सेवन
असम, लाहरीघाट : असम में लगभग 48.2 प्रतिशत वयस्क लोग तंबाकू उत्पादों का सेवन करते हैं, जो एक गंभीर सार्वजनिक...
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