असम, गुवाहाटी : असम में साल 2016 से अब तक बाढ़ और भूस्खलन सहित विभिन्न प्राकृतिक आपदाओं के कारण कुल 1,476 लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी है। विधानसभा में कांग्रेस विधायक रेकीबुद्दीन अहमद, अब्दुर रहीम अहमद और बेबी बेगम द्वारा पूछे गए अलग-अलग सवालों के जवाब में राजस्व और आपदा प्रबंधन मंत्री केशव महंत ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि प्राकृतिक आपदाओं में सबसे अधिक 836 लोगों की मौत बाढ़ के कारण हुई है, जबकि भूस्खलन में 93, तूफान में 175 और बिजली गिरने यानी वज्रपात से 372 लोगों की मौत हुई है। मंत्री ने सदन को बताया कि साल 2016 से अब तक आई बाढ़ और अन्य आपदाओं की वजह से राज्य में लगभग 57,56,700 बीघा कृषि भूमि पूरी तरह नष्ट हो चुकी है। इसके अलावा राज्य में लगातार हो रहे नदी के कटाव के कारण करीब 2,31,100 बीघा जमीन पानी में समा चुकी है और लगभग 10,000 बीघा आवासीय भूमि भी नदी के आगोश में विलीन हो गई है। इस विनाशकारी कटाव की वजह से करीब 100 गांव पूरी तरह से और 230 गांव आंशिक रूप से नदी के गर्भ में समा गए हैं, जिससे लगभग 39,000 लोग विस्थापित हुए हैं। आंकड़ों के मुताबिक, विभिन्न जिलों में ब्रह्मपुत्र और उसकी सहायक नदियों के कटाव से प्रभावित परिवारों की कुल संख्या लगभग 23,369 है, जिनमें से 17,734 परिवार पूरी तरह से तबाह होकर अपने घर-बार से बेघर हो चुके हैं। प्रभावित लोगों के पुनर्वास के संबंध में मंत्री केशव महंत ने स्पष्ट किया कि अब तक लगभग 1,214 परिवारों को पुनर्वास के लिए वित्तीय सहायता प्रदान की गई है। शेष प्रभावित परिवारों को भी संबंधित जिला आयुक्तों से प्रस्ताव प्राप्त होने के बाद राज्य आपदा मोचन कोष के नियमों के तहत वित्तीय सहायता दी जाएगी। हालांकि विभाग की ओर से विस्थापित हुए इन प्रभावित परिवारों को स्थानांतरित होने का कोई प्रमाण पत्र जारी नहीं किया गया है। आपदा प्रबंधन के लिए केंद्र सरकार से मिली वित्तीय मदद का ब्योरा देते हुए मंत्री ने बताया कि पंद्रहवें वित्त आयोग के कार्यकाल में राज्य आपदा प्रतिक्रिया कोष के लिए 3793.60 करोड़ रुपये और राज्य आपदा न्यूनीकरण कोष के लिए 948.40 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं। इसके अलावा, साल 2022 की भीषण बाढ़ के बाद एनडीआरएफ के तहत 1207.27 करोड़ रुपये, जलाशयों के पुनरुद्धार के लिए 692.05 करोड़ रुपये और गुवाहाटी में शहरी बाढ़ नियंत्रण के लिए 200 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं। असम सरकार के फ्लड मेमोरेंडम के जवाब में केंद्र ने 344.22 करोड़ रुपये की अतिरिक्त सहायता भी दी है। वहीं राज्य में चल रहे अतिक्रमण विरोधी अभियान पर स्थिति साफ करते हुए मंत्री ने बताया कि साल 2016 से अब तक असम के 24 जिलों में राजस्व और वन विभाग की बड़े पैमाने पर भूमि को अवैध कब्जे से मुक्त कराया गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि असम भूमि नीति और राजस्व कानूनों के तहत सरकारी जमीन पर अवैध रूप से रहने वाले लोगों को बेदखल करने की स्थिति में मुआवजे या पुनर्वास का कोई कानूनी प्रावधान नहीं है।
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