असम, गुवाहाटी : असम की पशुपालन और पशु चिकित्सा मंत्री नीलिमा देवी ने विधानसभा में कहा कि राज्य में दूध की मांग और आपूर्ति के बीच एक बड़ा अंतर देखा जा रहा है। असम में रोजाना 49.72 लाख लीटर दूध की जरूरत होती है, जबकि राज्य में प्रतिदिन केवल 33.53 लाख लीटर दूध का ही उत्पादन हो पा रहा है। इस कमी को पूरा करने के लिए बाहरी राज्यों से दूध का आयात किया जा रहा है। वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए डेयरी हितधारकों से मिले आंकड़ों के मुताबिक बिहार के कॉम्फेड (सुधा डेयरी) द्वारा असम में प्रतिदिन 35,000 लीटर दूध की आपूर्ति की जा रही है, जबकि अमूल और पूरबी डेयरी जैसी अन्य प्रमुख डेयरियां भी इस बाजार में अपनी भागीदारी निभा रही हैं। कांग्रेस विधायक जाकिर हुसैन सिकदर के पूछे गए एक मौखिक सवाल के जवाब में मंत्री ने आगे बताया कि वर्तमान में असम में कुल 452 पशु अस्पताल और 767 पशु उप-चिकित्सा केंद्र संचालित हैं। पशु चिकित्सा के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए सरकार एक बड़े बदलाव की तैयारी कर रही है, जिसके तहत वित्तीय वर्ष 2026-27 से 2030-31 के बीच जरूरत के मुताबिक पशु उप-केंद्रों को पूर्ण अस्पतालों में उन्नत करने का प्रस्ताव विचाराधीन है। विभाग में बड़े पैमाने पर खाली पड़े पदों को लेकर भी मंत्री ने स्थिति स्पष्ट करते हुए बताया कि विभाग में वर्तमान में पशु चिकित्सकों के 137 पद, लाइवस्टॉक इंस्पेक्टर के 51 पद, सीनियर फील्ड असिस्टेंट के 31 पद, फील्ड असिस्टेंट के 374 पद, ग्रेड-3 के 114 पद, ड्राइवरों के 79 पद और ग्रेड-4 के 234 पद खाली हैं। इन खाली पदों को भरने के लिए विभाग चरणबद्ध तरीके से कदम उठा रहा है, जिसमें से 137 पशु चिकित्सकों के पदों को भरने की प्रक्रिया पहले ही शुरू की जा चुकी है।
मुख्यमंत्री ने की मात्स्यिकी विभाग की समीक्षा बैठक
मणिपुर, इम्फाल : मणिपुर के मुख्यमंत्री युमनाम खेमचंद सिंह ने सचिवालय में मात्स्यिकी विभाग की एक समीक्षा बैठक की अध्यक्षता...
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