नई दिल्ली, 18 जुलाई।
अंधविश्वास और ड्रग्स के खिलाफ पिछले ढाई दशकों से राष्ट्रव्यापी अलख जगाने वाले असम के प्रख्यात मानवाधिकार कार्यकर्ता और प्रखर मोटिवेशनल स्पीकर डॉ. दिव्यज्योति सैकिया को प्रतिष्ठित ‘इंटरनेशनल डेमोक्रेसी अवॉर्ड 2026’ से सम्मानित किया गया है। दिल्ली के रफी मार्ग स्थित ‘कांस्टीट्यूशन क्लब ऑफ इंडिया’ में आयोजित एक भव्य समारोह में इंटरनेशनल ह्यूमन राइट्स डिफेंडर्स फाउंडेशन (यूएसए) द्वारा उन्हें यह गौरव प्रदान किया गया।
डॉ. सैकिया को यह अंतरराष्ट्रीय सम्मान समाज सेवा, मानवाधिकारों के संरक्षण, नशा मुक्ति और ज्ञानवर्धक शिक्षा के क्षेत्र में उनके 25 वर्षों के अतुलनीय योगदान के लिए दिया गया है।
समारोह के दौरान इलाहाबाद हाईकोर्ट के पूर्व मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति एस. एन. शुक्ला ने डॉ. दिव्यज्योति सैकिया को प्रशंसा पत्र और मोमेंटो भेंट कर सम्मानित किया। इस गरिमामयी अवसर पर पूर्व सांसद श्री अविनाश राय खन्ना और भारत सरकार के वित्त मंत्रालय के अवर सचिव सुनील कुमार सहित देश-विदेश की कई गणमान्य हस्तियां मौजूद रहीं।
डॉ. सैकिया के कार्यों की सराहना करते हुए वक्ताओं ने कहा कि उन्होंने न केवल अंधविश्वास और ड्रग्स जैसी सामाजिक बुराइयों के खिलाफ जमीनी स्तर पर लड़ाई लड़ी है, बल्कि भटके हुए युवाओं को मुख्यधारा में लाने का भी काम किया है।
उन्होंने कॉलेज और यूनिवर्सिटी के छात्रों के साथ-साथ ड्रग्स की लत से जूझ रहे युवाओं को नशा छोड़ने, फलदार और कीमती पौधे लगाने के लिए सफलतापूर्वक प्रेरित किया है। उनके इसी अनूठे ‘इको-फ्रेंडली’ विजन के लिए मशहूर मीडिया हाउस टाइम्स ऑफ इंडिया द्वारा उन्हें ‘टाइम्स इंटरनेट इकोप्रेन्योर’ के लिए भी नामांकित किया गया है।
वैश्विक स्तर पर मिल चुकी है पहचान
पिछले 25 वर्षों से समाज सुधार में सक्रिय डॉ. दिव्यज्योति सैकिया को अब तक राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर 180 से अधिक पुरस्कारों से नवाजा जा चुका है। उनके कार्यों की गूंज भारतीय मीडिया के साथ-साथ वैश्विक पटल पर भी रही है। ‘टाइम मैगजीन’, ‘यूएसए टुडे’, ‘ग्लोबल पोस्ट’ और ‘न्यूयॉर्क वीकली’ जैसे प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय मीडिया घरानों ने भी समय-समय पर उनकी समाज सेवा और अभियानों की खुलकर सराहना की है। यह पुरस्कार उनके इसी निरंतर संघर्ष और सेवा भावना की एक और अंतरराष्ट्रीय संपुष्टि है।






