मणिपुर. इम्फाल : मणिपुर की राजधानी इम्फाल में राष्ट्रीय नागरिक पंजी (एनआरसी) को अपडेट करने की मांग को लेकर बुलाए गए 48 घंटे के राज्यव्यापी बंद के दूसरे दिन भी दुकानें और व्यावसायिक प्रतिष्ठान पूरी तरह बंद रहे। कैंपेन फॉर जस्ट एंड फेयर डीलिमिटेशन (जेएफडी) द्वारा आयोजित यह हड़ताल 17 अगस्त की आधी रात से शुरू हुई थी और 19 अगस्त की आधी रात तक जारी रहेगी। प्रदर्शनकारी संगठन मांग कर रहे हैं कि राज्य में नई जनगणना कराने से पहले एनआरसी को लागू किया जाए। इस हड़ताल के समर्थन में राज्य के कई हिस्सों में प्रदर्शन हुए, जिनमें हियांगलाम-वाबागई के ईमा मार्केट और लमखाई केथल में स्थानीय युवाओं और अपुनबा नुपी लुप के सदस्यों ने विरोध प्रदर्शन में हिस्सा लिया।
जेएफडी के संयोजक जीतेंद्र निंगोंबा के अनुसार इस आंदोलन का मुख्य उद्देश्य अवैध प्रवास और राज्य में हो रहे जनसांख्यिकीय परिवर्तनों पर सरकार का ध्यान आकर्षित करना है। दूसरी ओर मणिपुर सरकार ने जनता की इन मांगों का समर्थन किया है, लेकिन साथ ही सभी संगठनों से शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक मार्ग अपनाने की अपील की है। राज्य सरकार के प्रवक्ता और विधायक सपम रंजन ने कहा कि सरकार राज्य की जनसांख्यिकी में आ रहे बदलावों को लेकर चिंतित है और जनता की इस मांग से पूरी तरह सहमत है कि जनगणना से पहले एनआरसी कराया जाना चाहिए।
सपम रंजन ने बताया कि मणिपुर विधानसभा ने अगस्त 2022 में ही एनआरसी के क्रियान्वयन को लेकर एक प्रस्ताव पारित किया था और तब से राज्य सरकार इस मुद्दे को केंद्र के समक्ष लगातार उठा रही है। इस सिलसिले में राज्य सरकार ने 16 जनवरी 2023 और 12 जून 2024 को केंद्रीय गृह मंत्रालय को औपचारिक पत्र भी भेजे हैं। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार से बातचीत के लिए सभी दलों के विधायकों का एक प्रतिनिधिमंडल जल्द ही नई दिल्ली का दौरा कर सकता है। हालांकि, सरकार ने सभी राजनीतिक दलों से एकजुट होने का आह्वान करते हुए यह भी याद दिलाया कि लगातार बंद और हड़ताल से दिहाड़ी मजदूरों और आम जनता के आर्थिक जीवन पर बेहद प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है।





