नई दिल्ली : देश के कई हिस्सों में इस साल मानसून की वापसी में काफी देरी देखने को मिल रही है, जिसके चलते मौसम का मिजाज लगातार बदल रहा है और कई इलाकों में इसका असर कम होने का नाम नहीं ले रहा है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के अनुसार मौसम में आए इस बदलाव की वजह से देश के लगभग 14 राज्यों में तेज आंधी-तूफान, बिजली कड़कने और मूसलाधार बारिश की स्थिति बन सकती है। मौसम वैज्ञानिकों का अनुमान है कि कुछ क्षेत्रों में तूफानी हवाओं की रफ्तार 70 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुँच सकती है, जिससे सामान्य जीवन और आवाजाही प्रभावित होने की पूरी संभावना है।
क्षेत्रीय स्तर पर देखें तो इस बदलते मौसम का सबसे व्यापक प्रभाव उत्तर-पश्चिम भारत, पूर्वी भारत और मध्य भारत के बड़े हिस्से में महसूस किया जा सकता है। इसके साथ ही पूर्वोत्तर भारत और दक्षिण भारत के विभिन्न इलाकों में भी बारिश का सिलसिला जारी रहने के आसार हैं। राज्यवार स्थिति पर नजर डालें तो बिहार, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के अलग-अलग क्षेत्रों में मौसम तेजी से करवट ले सकता है और वहाँ भारी बारिश के साथ तीव्र आंधी चलने का अनुमान व्यक्त किया गया है। वहीं दूसरी ओर, मौसम विभाग के सब-डिविजन अलर्ट के अनुसार दिल्ली और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के लिए फिलहाल कोई बड़ा या गंभीर मौसम अलर्ट जारी नहीं किया गया है, जो यह दर्शाता है कि एक ही समय पर अलग-अलग क्षेत्रों में मौसम की तीव्रता और स्थिति भिन्न हो सकती है।
खराब मौसम और संभावित आंधी-तूफान के खतरे को ध्यान में रखते हुए प्रशासन और मौसम विभाग ने आम जनता को विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी है। लोगों से अपील की गई है कि तेज हवाओं और बारिश के दौरान खुले स्थानों, विशाल पेड़ों, बिजली के खंभों, तारों और जर्जर होर्डिंग्स के आसपास जाने से बचें, क्योंकि तेज आंधी में इनके गिरने का खतरा बना रहता है। इसके अतिरिक्त, जलभराव और खराब दृश्यता से बचने के लिए अनावश्यक यात्राओं को टालने और सड़क पर निकलने से पहले अपने क्षेत्र की स्थानीय मौसम रिपोर्ट व आधिकारिक जानकारी की समीक्षा करने की सलाह दी गई है।






