नई दिल्ली : केंद्रीय बंदरगाह, जहाजरानी और जलमार्ग मंत्री सर्वानंद सोनोवाल ने नई दिल्ली में मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। इस बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत 2047 के विजन के अनुरूप समुद्री क्षेत्र में तेजी लाने के लिए सुधारों पर आधारित एक व्यापक रोडमैप तैयार किया गया। बैठक का मुख्य फोकस गवर्नेंस को मजबूत करने, व्यापार सुगमता को बेहतर बनाने, डिजिटल एकीकरण को बढ़ावा देने और जन शिकायतों का समय पर निपटारा करने पर रहा। इस दौरान केंद्रीय मंत्री ने एक राष्ट्रव्यापी समुद्री सुधार उत्सव मनाने की घोषणा की, जिसके जरिए पिछले 12 वर्षों में बंदरगाहों, शिपिंग, अंतर्देशीय जलमार्गों, हरित जलयात्रा और डिजिटलाइजेशन के क्षेत्र में देश की बड़ी उपलब्धियों को प्रदर्शित किया जाएगा। पारदर्शिता और काम में तेजी लाने के लिए केंद्रीय मंत्री ने शिकायतों, अदालती मामलों और मंत्रालय से जुड़े लंबित मुद्दों के त्वरित निपटारे के लिए एक समयबद्ध प्रणाली स्थापित करने के निर्देश दिए। इसके लिए एक समर्पित निगरानी और समन्वय समिति का गठन किया जाएगा, जो जवाबदेही तय करने के लिए समय-समय पर समीक्षा करेगी। डिजिटल गवर्नेंस की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए महानिदेशालय जलयात्रा के तहत एक एकीकृत डिजिटल प्लेटफॉर्म और मोबाइल एप्लिकेशन विकसित करने का भी निर्णय लिया गया है। यह प्लेटफॉर्म हितधारकों को रीयल-टाइम सेवा वितरण, डिजिटल दस्तावेज़ीकरण और एकीकृत समुद्री सेवाएं प्रदान करेगा। इसके अलावा बैठक में पिछले 12 वर्षों में इस क्षेत्र में हुई प्रगति की समीक्षा करने और विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को हासिल करने के लिए जरूरी प्राथमिकता वाले क्षेत्रों की पहचान करने का संकल्प लिया गया। केंद्रीय मंत्री सोनोवाल ने प्रमुख समुद्री और रसद परियोजनाओं को तेजी से लागू करने के लिए विभिन्न मंत्रालयों, राज्य सरकारों, पोर्ट अथॉरिटी और उद्योग जगत के बीच बेहतर तालमेल पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि उभरती चुनौतियों से निपटने और समुद्री अर्थव्यवस्था की पूरी क्षमता का लाभ उठाने के लिए लगातार संवाद जरूरी है। क्षेत्र की बदलती जरूरतों को देखते हुए उन्होंने डिजिटल गवर्नेंस, डेटा प्रबंधन और नई तकनीकों में कौशल विकास व विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रमों को मजबूत करने के निर्देश दिए। साथ ही कार्यकुशलता बढ़ाने के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) और डेटा-संचालित गवर्नेंस का लाभ उठाने पर विशेष ध्यान दिया गया। उन्होंने मंत्रालय की उपलब्धियों और सुधारों को युवाओं तक पहुंचाने के लिए डिजिटल अभियानों, शॉर्ट वीडियो और सोशल मीडिया रील्स जैसी आधुनिक संचार रणनीतियों का उपयोग करने का निर्देश दिया ताकि युवा पीढ़ी इस क्षेत्र को राष्ट्र निर्माण और रोजगार के एक बेहतरीन अवसर के रूप में देख सके।
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