त्रिपुरा, अगरतला : त्रिपुरा के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) अनुराग धनखड़ का शव राज्य के पुलिस मुख्यालय में मिलने से सनसनी फैल गई है। इस दुखद और हैरान करने वाली घटना के बाद पूरे प्रशासनिक और पुलिस महकमे में शोक की लहर है।
राज्य के शीर्ष पुलिस अधिकारी का शव उनके ही मुख्यालय में बरामद हुआ है। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने तुरंत मोर्चा संभाल लिया है और घटनास्थल पर गहन छानबीन की जा रही है।
शुरुआती जांच और परिस्थितियों को देखते हुए इसे आत्महत्या का मामला माना जा रहा है। आशंका जताई जा रही है कि डीजीपी धनखड़ ने अपनी सर्विस पिस्तौल का इस्तेमाल करते हुए खुद को गोली मार ली। हालांकि उन्होंने इतना बड़ा आत्मघाती कदम किन परिस्थितियों में उठाया, इसे लेकर अभी तक कोई भी पुख्ता जानकारी सामने नहीं आई है।
गोली लगने की घटना के फौरन बाद अनुराग धनखड़ को आनन-फानन में गोविंद बल्लभ पंत अस्पताल ले जाया गया। लेकिन, वहां पहुंचने पर जांच के बाद डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। इस हाई-प्रोफाइल घटना के बाद विभिन्न जांच एजेंसियां हरकत में आ गई हैं और मामले की तहकीकात शुरू कर दी गई है।
आईपीएस अधिकारी अनुराग धनखड़ मूल रूप से उत्तर प्रदेश के बागपत जिले के निवासी थे। वे 1994 बैच के त्रिपुरा कैडर के आईपीएस अफसर थे। फिलहाल, पुलिस और एजेंसियां इस बात का पता लगाने में जुटी हैं कि आखिर किस वजह या दबाव के चलते राज्य के डीजीपी ने अपनी जान दे दी।





